Knews Desk– मुंबई के सबसे पॉश और वीआईपी इलाके वर्ली और मालाबार हिल में भी अब पानी की किल्लत देखने को मिल रही है। ये वही इलाके हैं जहां आलीशान घरों की कीमतें लगभग ₹3 लाख प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुकी हैं और जहां करोड़ों के फ्लैट्स में हाई-एंड लाइफस्टाइल रहती है। इसके बावजूद पिछले एक महीने से यहां के निवासी पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
मुंबई के लगभग सभी इलाकों में बीते एक महीने से पानी की सप्लाई प्रभावित है। मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा की गई लगभग 10% पानी आपूर्ति कटौती का असर आम लोगों के साथ-साथ अमीर तबके पर भी पड़ रहा है। यह स्थिति शहर के तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट विकास और सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता के बीच असंतुलन को उजागर करती है।
मुंबई की जल आपूर्ति मुख्य रूप से शहर के बाहर स्थित सात प्रमुख झीलों पर निर्भर है, जिनमें भातसा, अपर वैतरणा, मिडल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी शामिल हैं। ये सभी जलाशय मिलकर शहर की 1.2 करोड़ से अधिक आबादी को रोजाना लगभग 3,800 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करते हैं।
हालांकि, बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ती मांग के कारण यह सिस्टम दबाव में है। पानी की आपूर्ति में कटौती ने यह साफ कर दिया है कि मुंबई जैसे महानगर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की गति और शहरी विस्तार के बीच बड़ा अंतर मौजूद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते जल प्रबंधन और आपूर्ति प्रणाली को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले समय में ऐसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।