KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप को लेकर गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए ‘टोंटी’ संबंधी बयान के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “करप्ट माउथ” तक कह दिया।
दरअसल, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए कहा था कि “कोई टोंटी चोरी कर ले रहा है, कोई टोंटी खुली छोड़ दे रहा है।” उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में पुराने आरोपों और सपा नेतृत्व से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
अखिलेश यादव ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लंबा पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री के बयान पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि विज्ञान और मनोविज्ञान के अनुसार बचपन और किशोरावस्था के अनुभव व्यक्ति के व्यवहार और भाषा पर असर डालते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें “करप्ट माउथ” कहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का इतिहास कई तथ्यों को छुपाकर पेश किया जाता है और वास्तविक जानकारी जनता से साझा नहीं की जाती।
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अतीत से जुड़े कुछ संदर्भों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 1990 के दशक के आसपास उनके पारिवारिक परिवहन व्यवसाय, गोरखनाथ मठ से जुड़ाव और बाद में राजनीतिक सफर को लेकर कई सवाल खड़े किए।
सपा प्रमुख ने यह भी पूछा कि महंत अवैद्यनाथ द्वारा उन्हें उत्तराधिकारी बनाए जाने की प्रक्रिया क्या थी और क्या उसमें कोई औपचारिक चुनाव या प्रक्रिया अपनाई गई थी। साथ ही उन्होंने इसे “परिवारवाद और पक्षपात” से भी जोड़ने की कोशिश की।
इस पूरे विवाद के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने तर्कों के साथ एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। बीजेपी की ओर से फिलहाल इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि सपा समर्थक इसे राजनीतिक हमला बता रहे हैं।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हुई हो। हर बड़े राजनीतिक या सार्वजनिक मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच तीखे बयान देखने को मिलते रहे हैं।
फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना है।