KNEWS DESK – बिहार की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक और सांस्कृतिक चेहरा अब विधान परिषद की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता और गायक पवन सिंह को बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची में पवन सिंह का नाम शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
भाजपा ने विधान परिषद चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें पवन सिंह के अलावा मौजूदा एमएलसी संजय मयूख, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर और शीला प्रजापति को भी मौका दिया गया है। पार्टी नेतृत्व की ओर से जारी सूची के बाद अब सभी उम्मीदवार नामांकन प्रक्रिया की तैयारी में जुट गए हैं।
राजनीति में बढ़ रहा पवन सिंह का कद
पवन सिंह का नाम पिछले कुछ समय से भाजपा की राजनीतिक योजनाओं में चर्चा में रहा है। लोकसभा चुनाव में उन्होंने काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का संकेत दिया था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन इसके बाद उन्होंने भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक नजदीकियां बढ़ाईं और अब पार्टी ने उन्हें विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाकर बड़ा भरोसा जताया है।
संजय मयूख को फिर मिला मौका
भाजपा ने मौजूदा एमएलसी संजय मयूख को भी दोबारा उम्मीदवार बनाया है। उनका वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने वाला है और पार्टी ने उनके अनुभव को देखते हुए एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। चुनाव जीतने पर वे अगले छह वर्षों तक विधान परिषद में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
18 जून को होगा मतदान
निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार बिहार विधान परिषद की नौ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा। नामांकन की प्रक्रिया जारी है और उम्मीदवार 8 जून तक अपना पर्चा दाखिल कर सकते हैं। चुने गए उम्मीदवारों का कार्यकाल छह वर्षों का होगा।
NDA को बढ़त का भरोसा
बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए एनडीए को इन चुनावों में स्पष्ट बढ़त मिलती नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नौ में से आठ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं एक सीट पर विपक्षी महागठबंधन की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
अब सभी की निगाहें नामांकन और मतदान प्रक्रिया पर टिकी हैं। खासतौर पर पवन सिंह की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को और ज्यादा चर्चित बना दिया है, क्योंकि भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार का सक्रिय राजनीति में यह अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।