Knews Desk- गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने यमुना एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण हिस्से को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के 0 से 41 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित कर दिया है। इस आदेश के लागू होने के बाद अब इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली या सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
जिला प्रशासन का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, जहां हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का प्रदर्शन यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर धरना-प्रदर्शन होने की स्थिति में न केवल यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में प्रतिबंध लागू किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध सभा या प्रदर्शन को रोकने के लिए सतर्क रहें।
इस फैसले के बाद यमुना एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा प्रदेश के उन संवेदनशील इलाकों में शामिल हो गया है, जहां सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों पर विशेष नियंत्रण रखा जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इससे यातायात सुचारु रहेगा और यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकेगा।