KNEWS DESK- दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन इस त्रासदी के बीच एक ऐसा नाम सामने आया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। यह नाम है रियाजुद्दीन मंसूरी का, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और इंसानियत से कई लोगों की जान बचा ली।
होटल में आग लगने के बाद चारों ओर धुआं और लपटें फैल गई थीं। ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हालात इतने खराब थे कि कुछ लोगों के पास इमारत से नीचे कूदने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। तभी होटल के सामने गद्दों की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मौके पर पहुंचे।
रियाजुद्दीन ने बिना समय गंवाए अपने कर्मचारियों और बेटे की मदद से दुकान के गद्दे और रजाइयां बाहर निकालनी शुरू कर दीं। उन्होंने होटल के नीचे दर्जनों गद्दे बिछाकर एक अस्थायी सुरक्षा कवच तैयार किया, ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को कम चोट लगे। उनकी इस पहल से करीब 8 लोगों की जान बच गई।
रियाजुद्दीन का कहना है कि इस दौरान उन्हें लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन उनके लिए इंसानी जान सबसे ज्यादा कीमती थी। उन्होंने कहा, “हिंदू-मुस्लिम से ऊपर इंसानियत होती है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना हमारा फर्ज है।”
आज सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों तक हर कोई रियाजुद्दीन की तारीफ कर रहा है। जिस समय लोग अपनी जान बचाने में लगे थे, उस समय रियाजुद्दीन ने दूसरों की जिंदगी बचाने का फैसला लिया। उनकी यह बहादुरी और मानवता हमेशा याद रखी जाएगी।