Knews Desk- बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म इंडस्ट्री की संस्था FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) के बीच चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किया गया नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान किया है। यह फैसला इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) की मध्यस्थता के बाद लिया गया।
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ से खुद को अलग कर लिया। अभिनेता के इस फैसले से इंडस्ट्री के कुछ संगठनों और सदस्यों में नाराजगी देखी गई। इसके बाद 25 मई को FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी कर दिया था। इस निर्देश का मतलब था कि संगठन से जुड़े तकनीशियन, कलाकार और कर्मचारी रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे।
मामला बढ़ने के बाद IMPPA ने हस्तक्षेप किया। संस्था के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने FWICE को पत्र लिखकर फिल्म इंडस्ट्री में एकता और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए, क्योंकि पूरी इंडस्ट्री एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
IMPPA की अपील के बाद FWICE ने अपने रुख में बदलाव किया और बैन वापस लेने का फैसला किया। संगठन ने कहा कि वह हमेशा कलाकारों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इंडस्ट्री में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना भी उसकी जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत रणवीर सिंह के खिलाफ जारी निर्देश को वापस लिया गया है।
इस बीच चर्चा यह भी रही कि रणवीर सिंह की ओर से FWICE को कानूनी नोटिस भेजा गया था, जिसके बाद मामला सुलझाने की प्रक्रिया तेज हुई। हालांकि इस संबंध में न तो रणवीर सिंह की टीम और न ही FWICE की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। बैन हटने के बाद रणवीर सिंह के आगामी प्रोजेक्ट्स पर मंडरा रहा संकट भी टल गया है। अब अभिनेता बिना किसी बाधा के अपनी फिल्मों की शूटिंग और अन्य पेशेवर गतिविधियों को आगे बढ़ा सकेंगे।