Knews Desk- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन और अंक सत्यापन आवेदन पोर्टल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बोर्ड का दावा है कि पोर्टल पर असामान्य ट्रैफिक देखा गया, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग सिस्टम को प्रभावित करने या हैक करने की कोशिश कर रहे थे।
CBSE के अनुसार, री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होते ही पोर्टल पर मात्र दो मिनट के भीतर करीब 15 लाख हिट्स दर्ज की गईं। इतनी बड़ी संख्या में अचानक आए ट्रैफिक ने तकनीकी टीम को सतर्क कर दिया। बोर्ड का कहना है कि यह सामान्य यूजर ट्रैफिक से कहीं अधिक था, जिसके चलते साइबर सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मामले की जांच की जा रही है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि छात्रों के डेटा और आवेदन प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल पोर्टल सुरक्षित है और छात्रों के रिकॉर्ड में किसी तरह की छेड़छाड़ या डेटा लीक की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। CBSE की तकनीकी टीम लगातार सिस्टम की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
इस बीच बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अफवाह या फर्जी लिंक पर भरोसा न करें। साथ ही आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी केवल CBSE की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही प्राप्त करें।
CBSE ने यह भी कहा कि बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि री-इवैल्यूएशन और अंक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो सके। बोर्ड ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि आवेदन प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी और सभी योग्य अभ्यर्थियों के आवेदन नियमानुसार स्वीकार किए जाएंगे।