Knews Desk– नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा को लेकर पिछले साल हुए कथित पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रही है। 21 जून को प्रस्तावित री-टेस्ट को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर किसी भी तरह का सवाल न उठे और छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) की सेवाएं लेने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह देश की किसी भी बड़ी प्रवेश परीक्षा के इतिहास में पहली बार होगा, जब प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नीट-यूजी परीक्षा कथित पेपर लीक और कई अन्य अनियमितताओं को लेकर विवादों में घिर गई थी। इस मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठने के बाद जांच एजेंसियों को मामले की पड़ताल सौंपी गई थी और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठी थी।
इसी पृष्ठभूमि में सरकार इस बार सुरक्षा के मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर उनकी पैकिंग, स्टोरेज, परिवहन और वितरण तक हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा डिजिटल ट्रैकिंग, सीलबंद सुरक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और मल्टी-लेयर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे उपायों पर भी काम किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां लगातार समीक्षा बैठकें कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन कड़े सुरक्षा उपायों से परीक्षा की गोपनीयता बनी रहेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली की साख बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।