आखिर कौन हैं डॉ. दिनेश राव, जिनसे ट्विशा का फिर से पोस्टमार्टम करवाना चाहता है परिवार?

KNEWS DESK- भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है और अब जांच प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है। मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी देश के जाने-माने फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ दिनेश राव के नेतृत्व में की जाएगी, जिन्हें परिवार ने अपनी सहमति और भरोसे के साथ इस जांच के लिए चुना है।

ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि दोबारा पोस्टमार्टम किसी स्वतंत्र और अनुभवी विशेषज्ञ की देखरेख में कराया जाए। परिवार ने विशेष रूप से डॉ दिनेश राव की विशेषज्ञता पर भरोसा जताया, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस दिशा में आदेश जारी किए।

हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यह मामला शादी के छह महीने के भीतर हुई संदिग्ध मौत से जुड़ा है, इसलिए हर पहलू की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि दोबारा पोस्टमार्टम का उद्देश्य पहले किए गए पोस्टमार्टम पर सवाल उठाना नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनता के विश्वास को बनाए रखना है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को यह भी बताया गया कि शव को सुरक्षित रखने और अंतिम संस्कार को फिलहाल रोकने की आवश्यकता है। याचिका में मांग की गई थी कि शव को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान में संरक्षित किया जाए ताकि जांच में किसी तरह की कमी न रह जाए। अदालत ने इस पर भी आवश्यक निर्देश दिए हैं।

वहीं दूसरी ओर, समर्थ सिंह की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि उन्हें दोबारा पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान AIIMS भोपाल के डॉक्टरों की प्रतिष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने भी अदालत में कहा कि यह प्रक्रिया किसी पर आरोप लगाने के लिए नहीं, बल्कि जांच को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए की जा रही है।

राज्य सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया है कि विशेषज्ञ टीम को भोपाल लाने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके बाद हाईकोर्ट ने AIIMS नई दिल्ली के निदेशक को निर्देश दिया कि एक विशेषज्ञ फॉरेंसिक टीम गठित कर तुरंत भोपाल भेजी जाए। साथ ही पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है, जिसे जांच रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा।

अब बात करें डॉ दिनेश राव की, तो वे देश के प्रमुख फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। वे वर्तमान में फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष हैं। उनकी विशेषज्ञता को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और जमैका जैसे देशों में भी मान्यता मिली हुई है। बताया जाता है कि वे अब तक 12 हजार से अधिक पोस्टमार्टम कर चुके हैं और कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

इस बीच, भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच भी तेज कर दी गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

मामले में ट्विशा की सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर भी दहेज और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगे हैं, जिससे केस और अधिक संवेदनशील हो गया है। दूसरी ओर, पुलिस ने समर्थ सिंह को देर रात भोपाल लाकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

फिलहाल, पूरे मामले की निगरानी अदालत और विशेषज्ञ टीम के हाथ में है, और आने वाले दिनों में दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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