Knews Desk– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों के दौरे से लौटने के तुरंत बाद गुरुवार को एक अहम मंत्रिपरिषद बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। करीब 11 महीने बाद हो रही इस बैठक को केंद्र सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक आज शाम साढ़े चार बजे शुरू होगी और इसके 4 से 5 घंटे तक चलने की संभावना है। इस दौरान कई मंत्रालय अपने-अपने विभागों के कामकाज और भविष्य की योजनाओं को लेकर प्रजेंटेशन देंगे।
इस बैठक पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही स्तरों पर खास नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार के भीतर संभावित फेरबदल और आने वाले बड़े फैसलों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। पिछली बार मंत्रिपरिषद की बैठक 4 जून 2025 को हुई थी। ऐसे में लगभग एक साल बाद हो रही यह बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है। दरअसल, 9 जून को केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इसी को देखते हुए सभी मंत्रालयों से पिछले 12 वर्षों में लागू की गई सफल योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति भी तैयार कर रही है।
बैठक में वित्त, रेलवे, ऊर्जा, वाणिज्य, श्रम, कृषि, सड़क परिवहन, वन एवं पर्यावरण, परमाणु ऊर्जा और उद्योग संवर्धन विभाग (DPIIT) समेत करीब एक दर्जन मंत्रालयों के सचिव प्रजेंटेशन देंगे। इन प्रजेंटेशन में बीते दो वर्षों में किए गए सुधारों, नई नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच यह बैठक और भी ज्यादा अहम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सरकार ऊर्जा बचत, वैकल्पिक संसाधनों और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी बैठक में सरकार के अगले एजेंडे और प्राथमिकताओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दे सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में सरकार बुनियादी ढांचे, रोजगार, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में बड़े फैसले ले सकती है। पीएम मोदी पहले भी देशवासियों से तेल और गैस की बचत करने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में इस बैठक को केवल प्रशासनिक समीक्षा नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक हालात के बीच सरकार की नई रणनीति तय करने वाली बैठक के रूप में देखा जा रहा है।