20 मई को दिल्ली में दवा दुकानों की हड़ताल, मरीजों से पहले ही दवाएं लेने की अपील

KNEWS DESK – दिल्ली में दवा व्यापारियों के संगठन RDCA One Delhi ने 20 मई को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। राजधानी के केमिस्ट और दवा विक्रेता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। इस फैसले के बाद लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरी दवाएं पहले से खरीद लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री में बढ़ती अनियमितताओं और भारी डिस्काउंट के कारण छोटे मेडिकल स्टोर प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा एआई के जरिए तैयार किए जा रहे फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाएं मिलने को लेकर भी केमिस्टों ने चिंता जताई है।

संगठन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और दवा व्यापार की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई बार ऐसी दवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जिनके लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होती है।

हालांकि हड़ताल के बावजूद आम लोगों को राहत देने के लिए जरूरी व्यवस्था बनाए रखने का फैसला लिया गया है। ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट के साथ हुई बैठक के बाद तय किया गया कि दिल्ली के बड़े अस्पतालों, नर्सिंग होम और इमरजेंसी हेल्थकेयर सेंटरों के आसपास दवाओं की आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।

इस दौरान जीवन रक्षक और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। संगठन ने यह भी कहा कि 20 मई की शाम तक दवा बिक्री की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य कर दी जाएगी।

इस मुद्दे पर दवाओं की निगरानी करने वाली सरकारी संस्था Central Drugs Standard Control Organization भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि केमिस्टों की शिकायतों और मांगों की समीक्षा की जा रही है।

वहीं देश के कई राज्यों के केमिस्ट संगठनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है। कुछ संगठनों का कहना है कि वे ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ हैं, लेकिन आम मरीजों को परेशानी से बचाने के पक्ष में भी हैं।

Bihar Chemists and Druggists Association के महासचिव प्रभाकर कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री में नियमों का पालन नहीं हो रहा। उनके मुताबिक, मेडिकल स्टोर संचालकों को हर दवा के लिए डॉक्टर की पर्ची और रिकॉर्ड रखना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई बार बिना जांच के दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में एआई के जरिए तैयार किए गए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री का खतरा बढ़ गया है।

फिलहाल दिल्ली में 20 मई को होने वाली इस हड़ताल को लेकर मरीजों और आम लोगों के बीच चिंता का माहौल है, हालांकि संगठन ने भरोसा दिलाया है कि जरूरी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

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