अंतिम विदाई: फूलों और बेजुबानों की तस्वीरों से सजे वाहन पर निकले प्रतीक यादव, लखनऊ की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

डिजिटल डेस्क- समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा आज सुबह लखनऊ में शुरू हुई। बुधवार सुबह उनके असामयिक निधन की खबर ने पूरे उत्तर प्रदेश को स्तब्ध कर दिया था। आज जब उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए घाट की ओर रवाना हुआ, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। समर्थकों की भारी भीड़ और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में प्रतीक यादव को अंतिम विदाई दी जा रही है। प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा के लिए जिस वाहन को तैयार किया गया है, वह बेहद खास और भावुक कर देने वाला है। प्रतीक यादव को करीब से जानने वाले लोग जानते हैं कि उन्हें जानवरों, खासकर कुत्तों (डॉग लवर) से बेहद लगाव था। उनकी इस छवि को सम्मान देने के लिए अंतिम यात्रा के वाहन को उनकी ऐसी तस्वीरों से सजाया गया है, जिनमें वे विभिन्न जानवरों के साथ नजर आ रहे हैं। फूलों से लदे इस वाहन पर प्रतीक की मुस्कुराती तस्वीरें उनके जीवंत स्वभाव और बेजुबानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता की कहानी बयां कर रही हैं।

अचेत अवस्था में मिले थे प्रतीक, मौत पर सस्पेंस बरकरार

प्रतीक यादव की मौत को लेकर अभी भी कई सवाल तैर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 4 बजे प्रतीक अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी संदिग्ध परिस्थिति का जिक्र नहीं है, लेकिन मौत की सटीक वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया था। आज उस विसरा को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके। समर्थकों के बीच मौत को लेकर गहरा शक जताया जा रहा है, जिसे फॉरेंसिक रिपोर्ट ही साफ कर पाएगी।

घाट की ओर बढ़ता समर्थकों का हुजूम

प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के साथ चल रही अंतिम यात्रा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और स्थानीय नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा है। अखिलेश यादव, अपर्णा यादव और परिवार के अन्य सदस्य इस दुख की घड़ी में एक साथ नजर आ रहे हैं। लखनऊ की सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं क्योंकि भारी संख्या में लोग अपने चहेते ‘प्रतीक भैया’ के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। उनके आवास से लेकर घाट तक का रास्ता शोक संतप्त समर्थकों की आवाजों से गूंज रहा है।

सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि और यादें

प्रतीक यादव भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे हों, लेकिन फिटनेस और सामाजिक कार्यों के कारण उनकी एक बड़ी फैन फॉलोइंग थी। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वाले लगातार उनकी पुरानी तस्वीरें और जानवरों के साथ उनके वीडियो साझा कर रहे हैं। लोग उनके उस व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं जो राजनीति की चकाचौंध से दूर अपनी दुनिया में मस्त रहता था। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई बड़े नेताओं ने इस अपूरणीय क्षति पर शोक जताते हुए परिवार को ढांढस बंधाया है।

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