KNEWS DESK- प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा लखनऊ के श्मशान घाट पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में समर्थक और शुभचिंतक सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे रास्ते ‘प्रतीक यादव अमर रहें’ के नारे गूंजते रहे।
प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा में यादव परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव ने शव को कंधा दिया। वहीं अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और अखिलेश के बेटे अर्जुन यादव भी श्मशान घाट पहुंचे।
लखनऊ में प्रतीक यादव के घर के पास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भी शव को कुछ देर के लिए रखा गया। हिंदू परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए अंतिम यात्रा आगे बढ़ी।
अपर्णा यादव अपने पति प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा के दौरान बेहद भावुक नजर आईं। वह अपनी दोनों बेटियों के साथ कार से श्मशान घाट पहुंचीं। उनके साथ जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि भी मौजूद रहे।
प्रतीक यादव को जानवरों से बेहद लगाव था। इसी वजह से अपर्णा यादव ने शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगवाई, जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
इससे पहले सुबह प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर रखा गया था। बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं डिंपल यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात अपर्णा यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के पास बैठी रहीं। पूरे परिवार में गम का माहौल बना हुआ है और समर्थकों के बीच भी गहरी शोक की लहर है।