KNEWS DESK- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालते ही तेज़ फैसलों के जरिए अपनी सरकार की प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने कई अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए और चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए।
मुख्यमंत्री विजय ने सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना को मंजूरी दी। यह उनकी पार्टी टीवीके के चुनावी अभियान का प्रमुख वादा था। सरकार का दावा है कि इस फैसले से मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी नई सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा बल गठित करने से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए। सरकार के अनुसार यह विशेष यूनिट महिलाओं से जुड़े अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करेगी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी।
महिलाओं को राहत देने के लिए राज्य परिवहन निगम की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा योजना लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की देरी न हो और लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंचे।
हालांकि विजय का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश पूर्ववर्ती Dravida Munnetra Kazhagam सरकार को लेकर आया। उन्होंने घोषणा की कि 2021 से 2026 तक राज्य की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। विजय ने दावा किया कि पिछली सरकार राज्य पर भारी कर्ज छोड़कर गई है और जनता को वास्तविक आर्थिक स्थिति से अवगत कराना जरूरी है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विजय ने पारदर्शी और जवाबदेह शासन देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “जनता की सरकार” होगी और चुनाव के दौरान किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद लिए गए फैसलों से विजय यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी सरकार तेजी से काम करने वाली और जनहित केंद्रित सरकार होगी। वहीं विपक्ष ने इन योजनाओं के आर्थिक प्रभाव और वित्तीय बोझ को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।