डिजिटल डेस्क- आज जब पूरा देश ‘मदर्स डे’ मना रहा है और सोशल मीडिया से लेकर गलियों तक मां की ममता के गीत गाए जा रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। तेजगढ़ थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव में एक महिला ने ज़मीनी विवाद का बदला लेने के लिए अपने ही 3 साल के भतीजे की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की शुरुआत शुक्रवार, 8 मई को हुई। माखन सिंह लोधी का 3 वर्षीय पुत्र अनिरुद्ध सुबह करीब 10 बजे अपने घर के आंगन में खेल रहा था। मासूम अपनी ही धुन में मगन था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने पहले तो उसे आसपास ढूंढा, लेकिन जब घंटों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। अपहरण की आशंका को देखते हुए बदहवास पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुहार लगाई।
70 फीट गहरा कुआं और रात भर की सर्चिंग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी आनंद कलादगी ने तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया। शुक्रवार की पूरी रात पुलिस गांव की खाक छानती रही। शनिवार, 9 मई को डॉग स्क्वॉड और SDRF की टीमों को भी बुलाया गया। गांव के पास स्थित एक 70 फीट गहरे कुएं को पूरी रात खंगाला गया, लेकिन अनिरुद्ध का कहीं पता नहीं चला। पुलिस को परिवार के ही कुछ सदस्यों की गतिविधियों पर संदेह था। आखिरकार, शनिवार को पुलिस की तलाश तब एक दर्दनाक मोड़ पर खत्म हुई, जब घर से मात्र 20 मीटर की दूरी पर कचरे के ढेर (घूरे) के नीचे मासूम अनिरुद्ध का शव दबा हुआ मिला।
बड़ी मां ने कबूला जुर्म: ‘जमीन के लिए ली जान’
दमोह जिले के महुआखेड़ा गांव में हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने संदेह के आधार पर मासूम अनिरुद्ध के बड़े पिता भगवान सिंह लोधी और बड़ी मां राजकुमारी लोधी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी राजकुमारी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और वह टूट गई। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए जो सच बताया, उसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए। राजकुमारी ने खुलासा किया कि उसने पहले मासूम बच्चे का गला घोंटा और फिर मौत पक्की करने के लिए उसके सिर पर पत्थर से वार किए। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसने बच्चे के शव को पास ही स्थित कचरे और मलबे के ढेर में दबा दिया था। इस जघन्य अपराध की जड़ में गहरी ज़मीनी रंजिश छिपी थी। एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, मृतक के पिता माखन सिंह और आरोपी के पति भगवान सिंह के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर आपसी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश की आग में अंधी होकर राजकुमारी ने अपने ही परिवार के निर्दोष और मासूम बालक को निशाना बनाकर रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया।