डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। बरेली से लुधियाना जा रहा एक तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया और पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में दो महिलाओं और एक महज 10 माह के मासूम बच्चे की कैंटर के नीचे दबने से मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब एक कैंटर बरेली के फतेहगंज पूर्वी से पंजाब के लुधियाना की ओर जा रहा था। कैंटर में कुल पांच लोग सवार थे। गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते सफर के दौरान, जैसे ही वाहन सदरपुर टोल से जखेड़ा रहमतपुर बहादुरगढ़ की ओर बढ़ा, उसकी रफ्तार काल बन गई। ड्राइवर के नियंत्रण खोने के कारण कैंटर सीधे डिवाइडर से जा टकराया और एक्सप्रेसवे के बीचों-बीच पलट गया।
चीख-पुकार और दर्दनाक मंजर
कैंटर के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। वाहन के नीचे दबने वालों में श्रीदेवी, सावित्री और 10 महीने का मासूम अभिजीत शामिल थे। भारी-भरकम कैंटर के नीचे दब जाने के कारण इन तीनों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।
पुलिस की कार्रवाई और राहत कार्य
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद कैंटर के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, इस हादसे में दो अन्य लोग, लालाराम और अभिषेक, गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने उन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
सावधानी की अपील
पुलिस प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में हादसे का कारण ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) नजर आ रहा है। रात के समय तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर संतुलन नहीं रख पाया। पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।