KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपने दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में है। दोपहर 3 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में छह नए नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। संभावित मंत्रियों की सूची में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित चेहरे शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है उनमें भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत और सुरेंद्र दिलेर के नाम प्रमुख हैं।
भूपेंद्र चौधरी: पश्चिम यूपी के मजबूत जाट चेहरा
पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को संगठन और सरकार के बीच मजबूत कड़ी माना जाता है। मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र चौधरी जाट समुदाय में अच्छी पकड़ रखते हैं। वह पहले पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं। साल 2016 में पहली बार एमएलसी बने और 2022 में दोबारा विधान परिषद पहुंचे। पश्चिमी यूपी में उनकी राजनीतिक पकड़ भाजपा के लिए अहम मानी जाती है।
मनोज पांडे: सपा से भाजपा में आए ब्राह्मण नेता
रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे हाल ही में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वे लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं। अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री और सपा के मुख्य सचेतक रह चुके मनोज पांडे ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। भाजपा उन्हें शामिल कर ब्राह्मण वोट बैंक को मजबूत संदेश देना चाहती है।
कृष्णा पासवान: दलित महिला नेतृत्व को बढ़ावा
फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान भाजपा का मजबूत दलित महिला चेहरा हैं। वह चार बार विधायक रह चुकी हैं और जमीनी राजनीति के लिए जानी जाती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से राजनीति शुरू करने वाली कृष्णा पासवान हाल ही में सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांचते हुए वायरल वीडियो के कारण भी चर्चा में आई थीं। पार्टी उन्हें दलित और महिला प्रतिनिधित्व के संतुलन के तौर पर देख रही है।
हंसराज विश्वकर्मा: संगठन से सरकार तक का सफर
वाराणसी भाजपा के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं। बूथ स्तर से राजनीति शुरू करने वाले हंसराज विश्वकर्मा को ओबीसी समुदाय, खासकर विश्वकर्मा समाज का प्रभावी चेहरा माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आने के कारण भी उनका राजनीतिक महत्व बढ़ जाता है।
कैलाश राजपूत: लोधी समाज पर भाजपा की नजर
कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को भाजपा का मजबूत ओबीसी चेहरा माना जाता है। लोधी समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाले क्षेत्र में भाजपा को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। मंत्रिमंडल में उनकी एंट्री को ओबीसी समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरेंद्र दिलेर: सबसे युवा संभावित मंत्री
अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर इस विस्तार के सबसे युवा चेहरे हो सकते हैं। मात्र 31 वर्ष की उम्र में उन्होंने उपचुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके दादा किसान लाल दिलेर और पिता राजवीर दिलेर दोनों ही क्षेत्र की राजनीति के बड़े नाम रहे हैं। भाजपा युवा और दलित नेतृत्व को आगे बढ़ाने के संदेश के तौर पर उन्हें मौका दे सकती है।
शाम को ‘कृष्णावतारम’ फिल्म भी देखेंगे CM योगी
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम साढ़े चार बजे लोकभवन में ‘कृष्णावतारम’ फिल्म का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। इस दौरान राज्यपाल और मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।