डिजिटल डेस्क- झारखंड की राजधानी रांची के टाटीसिलवे थाना क्षेत्र में रिंग रोड पर मिले क्षत-विक्षत शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। यह कोई साधारण सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वासघात और प्रतिशोध की एक ऐसी खौफनाक दास्तां है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बिहार के नवादा निवासी कमलेश कुमार की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी शादीशुदा प्रेमिका अंगिता देवी ने अपने पति और एक सहयोगी के साथ मिलकर की थी।
प्रेम और बेवफाई की खूनी पटकथा
मृतक कमलेश कुमार रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के हाहे गांव में एक आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करता था। इसी दौरान उसका परिचय वहीं की रहने वाली अंगिता देवी से हुआ। पिछले डेढ़ साल से दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कहानी में मोड़ तब आया जब कमलेश ने अंगिता को बताए बिना नवादा में किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली। जैसे ही अंगिता को कमलेश की शादी की खबर मिली, वह प्रतिशोध की आग में जल उठी। उसने प्रेमी को सबक सिखाने के लिए एक ऐसी साजिश रची जिसमें उसने अपने ही पति शिवनाथ कुमार सिंह को मोहरा बनाया। अंगिता ने अपने पति को गुमराह करते हुए बताया कि कमलेश उस पर बुरी नजर रखता है और उसके साथ जबरदस्ती करता है। पत्नी की बात सुनकर शिवनाथ भी खून का प्यासा हो गया और उसने अपने सहयोगी साहिल राजा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
नशा देकर बेसुध किया, फिर तोड़े हाथ-पैर
साजिश के तहत अंगिता ने कमलेश को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। वहां उसे नशीला पदार्थ देकर बेसुध कर दिया गया। इसके बाद अंगिता, उसके पति शिवनाथ और साहिल राजा ने मिलकर कमलेश पर हमला किया। आरोपियों ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए न केवल उसकी जान ली, बल्कि उसके हाथ-पैर भी तोड़ दिए। हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने के लिए आरोपियों ने फिल्मी अंदाज अपनाया। वे शव को स्कूटी पर लादकर हाईवे तक ले गए और वहां से एक हाइवा ट्रक पर लोड किया। टाटीसिलवे के मानकीढीपा रिंग रोड के पास सुनसान जगह पर शव को फेंक दिया गया। वारदात को सड़क हादसा दिखाने के लिए आरोपी पति शिवनाथ ने शव के ऊपर से हाइवा ट्रक का अगला पहिया गुजार दिया, जिससे शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
तकनीकी जांच से खुला राज
3 मई को पुलिस को सड़क किनारे शव मिलने की सूचना मिली थी। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की और एफएसएल (FSL) की रिपोर्ट का विश्लेषण किया, तो शक की सुई अंगिता और उसके पति की ओर घूमी। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने जब तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अंगिता देवी, उसके पति शिवनाथ कुमार सिंह और सहयोगी साहिल राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया हाइवा ट्रक, एक स्कूटी और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।