KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के बीच विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या के मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। घटना के 10 घंटे से अधिक समय बाद भी जांच जारी है और कई अहम सवाल अनसुलझे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10:10 बजे चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो गाड़ी Madhyamgram के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई थी। इसके कुछ ही मिनट बाद बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
10:15 बजे हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पूरी वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले एक छोटी कार ने उनकी गाड़ी को रोका, जिसके बाद बाइक सवार हमलावर पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान विदेशी पिस्टल, संभवतः ग्लॉक पिस्टल, का इस्तेमाल किया गया।
गंभीर रूप से घायल चंद्रनाथ रथ और उनके ड्राइवर को रात 10:40 बजे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर पर दो गोलियां सीने में और एक पेट में लगी थीं। ड्राइवर की हालत भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में चल रहा है।
हत्या की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
बीजेपी ने इस हत्या को “टारगेट किलिंग” बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। वहीं Mamata Banerjee की पार्टी टीएमसी ने भी घटना की निंदा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि हमलावरों ने पूरी रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया, जबकि टीएमसी का आरोप है कि राज्य में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
West Bengal Police ने घटनास्थल से कारतूस बरामद किए हैं और संदिग्ध वाहन को जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार की नंबर प्लेट में हेरफेर किया गया था।
फॉरेंसिक टीम और पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है। बाइक सवार हमलावरों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
चुनाव परिणामों के कुछ ही दिनों बाद हुई इस हत्या ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। लगातार बढ़ रही हिंसा की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है, लेकिन 10 घंटे बाद भी हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।