KNEWS DESK- बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय हो गई है। यह विस्तार 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के साथ होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली नई टीम को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी जो सूची लेकर दिल्ली गए थे, उस पर केंद्रीय नेतृत्व ने मुहर लगा दी है। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि नई सरकार का शपथ ग्रहण बड़े स्तर पर गांधी मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी इस आयोजन को और भव्य बनाएगी।
नई कैबिनेट में लगभग 30 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। भाजपा से 12, जेडीयू से 11, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), रालोमो और हम से एक-एक मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। गृह विभाग और विधानसभा अध्यक्ष पद पर भाजपा अपना नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली और फैसलों को लेकर यह संकेत मिल रहे हैं कि वह एक नई “विकास टीम” तैयार करना चाहते हैं। उनके करीबी इसे नई प्रशासनिक ऊर्जा और युवा नेतृत्व की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं।
इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की कथित नाराजगी और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार सरकार के गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा नेतृत्व हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि बिहार में राजनीतिक समीकरण मजबूत बने रहें।
वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार, इस मंत्रिमंडल विस्तार में नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है, जबकि कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं को दोबारा जिम्मेदारी दी जा सकती है। युवा और महिला प्रतिनिधित्व पर भी विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर 7 मई का यह शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नई टीम और नए समीकरणों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।