डिजिटल डेस्क- विधानसभा चुनावों के हालिया नतीजों ने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) को मिली करारी हार के बाद अब आरोपों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में जनमत की ‘चोरी’ की गई है।
“100 सीटों की लूट”: राहुल ने किया ममता के दावे पर मुहर
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाते हुए बीजेपी और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राहुल ने लिखा कि पश्चिम बंगाल में 100 से ज्यादा सीटों की चोरी हुई है और असम में भी इसी तरह की तरकीब अपनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने संस्थागत मदद से जनादेश को बदला है। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों को आगाह करते हुए कहा कि “चुनाव चोरी और संस्था चोरी” का यह पैटर्न नया नहीं है। उनके मुताबिक, इससे पहले मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों और पिछले लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने इसी तरह की रणनीति अपनाकर जीत हासिल की थी।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के लिए खतरे की घंटी
इन चुनावी नतीजों ने विपक्षी गठबंधन की एकता और भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। टीएमसी (TMC) और डीएमके (DMK) जैसी क्षेत्रीय महाशक्तियों के किलों का ढहना गठबंधन के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका है। खासकर तमिलनाडु और बंगाल जैसे राज्यों में, जहां विपक्षी दल खुद को अजेय मान रहे थे, वहां बीजेपी और उसके सहयोगियों की पैठ ने राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण बदल दिए हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए बीजेपी की इस लहर को रोकना एक बड़ी चुनौती होगी। विपक्षी खेमे में पहले से ही दरारें नजर आने लगी हैं, क्योंकि हाल ही में ‘आप’ के सात राज्यसभा सदस्यों का बीजेपी में शामिल होना गठबंधन की कमजोरी को दर्शाता है।
केरल में कांग्रेस को मिली ‘संजीवनी’
विपक्षी खेमे में छाई मायूसी के बीच केरल से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर आई है। केरल की जीत ने कांग्रेस को वह उम्मीद दी है जिसकी उसे महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा की हार के बाद सख्त जरूरत थी। अब केरल देश का चौथा राज्य होगा जहां कांग्रेस का अपना मुख्यमंत्री होगा। वर्तमान में कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अपनी सरकारें हैं। हालांकि, असम में मिली करारी शिकस्त ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि वहां कांग्रेस पिछले एक दशक से सत्ता का सूखा झेल रही है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन चुनावी नतीजों को विपक्ष के खिलाफ एक “सबक” बताया है। पीएम मोदी ने हाल ही में संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की महिलाओं ने वोट की ताकत से विरोधियों को कड़ा जवाब दिया है। इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के लिए एकजुट रहना और बीजेपी की चुनावी मशीनरी का मुकाबला करना अब पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।