डिजिटल डेस्क- बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि एक दूल्हे के साथ घटी वो कड़वी हकीकत है जिसने शादी के जश्न को मातम और बदनामी के शोर में बदल दिया। लालगंज थाना क्षेत्र में एक नई-नवेली दुल्हन शादी के महज 48 घंटे के भीतर अपने पति को कॉलेज के बाहर धूप में खड़ा छोड़ अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई।
धूमधाम से हुई थी शादी, घर में था उत्सव का माहौल
घटना लालगंज के करताहां पुलिस थाना क्षेत्र के भातौली भगवान पंचायत की है। यहाँ के एक युवक की शादी बीती 30 अप्रैल को वैशाली थाना क्षेत्र के हुसेना गांव की युवती के साथ बड़े ही अरमानों के साथ हुई थी। 1 मई को दुल्हन गाजे-बाजे के साथ अपने ससुराल पहुंची। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे और बहू के स्वागत की रस्में चल रही थीं। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि घूंघट की ओट में दुल्हन एक बड़ी साजिश रच रही है। शादी की पहली रात यानी सुहागरात पर जब पति-पत्नी साथ थे, तब दुल्हन ने अपनी चाल चली। उसने पति से कहा कि अगले दिन हाजीपुर के वैशाली महिला कॉलेज में उसकी एक बहुत महत्वपूर्ण परीक्षा है। उसने मासूमियत से पति से मिन्नत की, “प्लीज! मेरा साल बर्बाद हो जाएगा, मुझे पेपर दिलवाने ले चलो।” अपनी पत्नी के करियर को प्राथमिकता देते हुए पति तुरंत तैयार हो गया और अगली सुबह अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर उसे कॉलेज ले गया।
कॉलेज गेट पर चकमा, चिलचिलाती धूप में इंतजार करता रहा पति
कॉलेज के गेट पर पहुँचते ही दुल्हन ने अपना आखिरी कार्ड खेला। उसने पति से कहा, “आप यहीं रुकिए, मैं अंदर जाकर पेन ले आती हूं और फिर एग्जाम हॉल जाऊंगी।” पति गेट के बाहर चिलचिलाती धूप में घंटों खड़ा अपनी पत्नी का इंतजार करता रहा। जब परीक्षा खत्म होने का समय भी बीत गया और वह बाहर नहीं आई, तो पति ने अंदर जाकर पूछताछ की। उसे तब गहरा सदमा लगा जब पता चला कि दुल्हन वहां है ही नहीं; वह पिछले दरवाजे से अपने किसी जानने वाले के साथ पहले ही फरार हो चुकी थी।
धरा रह गया ‘बहु-भोज’, मेहमानों के सामने शर्मसार हुआ परिवार
इस धोखे का सबसे दर्दनाक मंजर दूल्हे के घर पर था। उसी शाम रिसेप्शन (बहु-भोज) का भव्य आयोजन था। घर को फूलों से सजाया गया था, हलवाई तरह-तरह के पकवान बना रहे थे और मेहमान नए जोड़े को आशीर्वाद देने पहुँच चुके थे। लेकिन जैसे ही दुल्हन के भागने की खबर पहुंची, जश्न सन्नाटे में बदल गया। रिसेप्शन की सजी हुई थालियाँ धरी रह गईं और मेहमानों को बिना किसी रस्म के ही वापस लौटना पड़ा।