अमेरिकी नाकेबंदी के बीच पहली बार सुरक्षित निकला LPG जहाज, भारत के लिए बड़ी राहत

Knews Desk-अंतरराष्ट्रीय तनाव और अमेरिकी नाकेबंदी के बीच भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। MT सर्व शक्ति नामक एक LPG टैंकर, जो मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित हो रहा है, होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर अब ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर चुका है और भारत की ओर बढ़ रहा है।

यह जहाज लगभग 46,313 टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारत के लिए रवाना हुआ है, जो देश की ऊर्जा आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अनुमान के अनुसार यह टैंकर 13 मई तक विशाखापत्तनम बंदरगाह पहुंच सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच यात्रा

Strait of Hormuz लंबे समय से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील मार्ग माना जाता है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर कथित नौसैनिक नाकेबंदी और क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग से व्यापारिक गतिविधियों में भारी गिरावट आई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ समय के लिए यहां से गुजरने वाला जहाज यातायात लगभग शून्य स्तर पर पहुंच गया था। ऐसे माहौल में भारतीय ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा यह टैंकर सुरक्षित रूप से मार्ग पार करने में सफल रहा, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

भारतीय नौसेना की सुरक्षा निगरानी

होर्मुज से निकलने के बाद टैंकर को ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना की सुरक्षा निगरानी में ले लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जहाज पर 20 सदस्यीय क्रू है, जिनमें 18 भारतीय नागरिक शामिल हैं। Indian Oil Corporation द्वारा चार्टर किए गए इस जहाज को भारत के ऊर्जा हितों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत की ऊर्जा जरूरतों में अहम योगदान

यह LPG कार्गो भारत की दैनिक गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा पूरा करने में सक्षम है। अनुमान के अनुसार, इसमें मौजूद गैस भारत की लगभग आधे दिन की जरूरतों को पूरा कर सकती है। ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अस्थिरता बनी हुई है, यह शिपमेंट भारत के लिए राहत लेकर आया है।

युद्ध जैसे हालात में पहली सफल ट्रांजिट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भारत से जुड़ा पहला ऐसा टैंकर है जिसने हाल के क्षेत्रीय तनाव और नाकेबंदी जैसे हालात के बीच सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। इससे पहले कई भारतीय स्वामित्व या ध्वज वाले जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए बताए गए थे। कई शिपिंग कंपनियों को अनिश्चितता के चलते मार्ग बदलना पड़ा था, लेकिन ‘सर्व शक्ति’ की सफल यात्रा को एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

सरकारी एजेंसियों की सक्रियता

भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय, जिनमें बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं, लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शिपिंग कंट्रोल रूम ने हजारों कॉल और ईमेल को संभाला है और कई नाविकों की सुरक्षित वापसी में भी मदद की गई है।

MT सर्व शक्ति की यह यात्रा न केवल भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जटिल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद रणनीतिक योजना और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। आने वाले दिनों में यह शिपमेंट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती प्रदान कर सकता है।

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