बंगाल चुनाव परिणाम: कूचबिहार से कृष्णानगर तक कांटे की टक्कर, कहीं भाजपा का दबदबा तो कहीं टीएमसी और माकपा की वापसी

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों ने अब जिलों के भीतर सीटों के समीकरण स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। उत्तर बंगाल से लेकर मुर्शिदाबाद के गलियारों तक, हर राउंड की गिनती के साथ सस्पेंस गहराता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा उत्तर बंगाल में अपनी बढ़त बनाए हुए है, वहीं दक्षिण बंगाल और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में टीएमसी और माकपा के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है।

उत्तर बंगाल: भाजपा का ‘कमल’ मजबूत

उत्तर बंगाल के चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी का दबदबा एक बार फिर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और शुरुआती रुझान इस गढ़ में उसकी मजबूती की पुष्टि कर रहे हैं। कूचबिहार उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा के सुकुमार रे ने मतगणना के शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है, जहाँ वे 5,454 मतों के साथ बढ़त पर हैं और उन्होंने टीएमसी के कृष्णा दास पर 880 वोटों की बढ़त हासिल कर ली है। इसी तरह जलपाईगुड़ी सीट पर भी भाजपा का जलवा बरकरार है, जहाँ अनंत देव अधिकारी 8,295 मतों के साथ पहले स्थान पर चल रहे हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी टीएमसी के उम्मीदवार को 1,974 वोटों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है, जबकि इसी सीट पर माकपा के देवराज बर्मन महज 705 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

मुर्शिदाबाद: डोमकल में माकपा ने चौंकाया

मुर्शिदाबाद जिले की डोमकल सीट से बेहद दिलचस्प खबर आ रही है। यहाँ ‘लाल झंडा’ फिर से लहराता दिख रहा है। माकपा के मोहम्मद मुस्तफिजुर रहमान 6,254 मतों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टीएमसी के कद्दावर नेता और चर्चित चेहरे हुमायूं कबीर 5,636 मतों के साथ दूसरे नंबर पर पिछड़ गए हैं। कबीर और रहमान के बीच महज 618 वोटों का अंतर है, जो किसी भी राउंड में पलट सकता है।

कृष्णानगर दक्षिण: उज्जल बिस्वास की मामूली बढ़त

नदिया जिले की कृष्णानगर दक्षिण सीट पर मुकाबला ‘फिफ्टी-फिफ्टी’ नजर आ रहा है। यहाँ टीएमसी के उज्जल बिस्वास 6,141 मतों के साथ आगे तो हैं, लेकिन भाजपा के साधन घोष उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। दोनों के बीच केवल 131 वोटों का फासला है। यह सीट इस समय बंगाल की सबसे ‘हॉट सीट’ बनी हुई है जहाँ हर एक वोट निर्णायक साबित हो रहा है। इन क्षेत्रीय रुझानों से यह स्पष्ट है कि जहाँ उत्तर बंगाल में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत दिख रहा है, वहीं मुर्शिदाबाद जैसे अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में टीएमसी को माकपा (वामपंथ) से कड़ी चुनौती मिल रही है। कृष्णानगर जैसे शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में टीएमसी और भाजपा के बीच वोटों का ध्रुवीकरण साफ देखा जा सकता है।

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