डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले सियासी पारा सातवें आसमान पर है। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने काउंटिंग एजेंट्स को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने न केवल एग्जिट पोल के अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया, बल्कि विश्वास जताया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार 200 से ज्यादा सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को “स्टॉक मार्केट में हेरफेर” करने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी झूठ फैला रही है और इन सर्वेक्षणों का मकसद सिर्फ बाजार और निवेशकों को बचाना है। ममता ने कड़े शब्दों में कहा, “एग्जिट पोल कुछ भी नहीं हैं। हम सिर्फ जीत नहीं रहे हैं, बल्कि बड़े अंतर से जीत रहे हैं। बंगाल में इस बार भी ‘खेला’ होगा और मैं देखना चाहती हूं कि विपक्षी कितने बड़े खिलाड़ी हैं।”
अभिषेक बनर्जी की तकनीकी रणनीति: VVPAT और बैटरी पर नजर
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एजेंट्स को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करते हुए ‘फॉर्म 17C’ के मिलान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मशीन का सीरियल नंबर मैच करना अनिवार्य है। अभिषेक ने एक अनोखी रणनीति साझा करते हुए कहा कि यदि कंट्रोल यूनिट की बैटरी 70% से ज्यादा दिखाती है, तो तुरंत VVPAT काउंटिंग की मांग करें, क्योंकि दिनभर की वोटिंग के बाद बैटरी 50% के करीब होनी चाहिए।
झंडा और डंडा साथ रखें
अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को जोश भरते हुए कहा कि अगर केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) या विपक्षी दल गलत तरीके से बल प्रयोग करते हैं, तो उसका करारा जवाब दें। उन्होंने कहा, “अपने साथ झंडा और डंडा दोनों रखें। अगर एक भी टीएमसी कार्यकर्ता पर लाठी चली, तो बंगाल की जनता जवाब देगी।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिन कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों की क्रूरता झेली है, पार्टी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत करेगी।
यह लड़ाई सिर्फ भाजपा से नहीं कमीशन से भी है- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि यह लड़ाई सिर्फ बीजेपी के खिलाफ नहीं, बल्कि “कमीशन और पैरामिलिट्री फोर्सेज” के खिलाफ है। 84 काउंटिंग सेंटर्स के बाहर हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश देकर टीएमसी ने साफ कर दिया है कि वह नतीजों वाले दिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले जनादेश पर टिकी हैं।