KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल में पुनर्मतदान के दौरान एक ओर जहां मतदाताओं में उत्साह देखा गया, वहीं कई इलाकों से हंगामे और विरोध की खबरें भी सामने आईं। दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार को री-पोलिंग कराई जा रही है। इन बूथों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे तक 55.57 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो तेज रफ्तार भागीदारी को दर्शाता है।
इन 15 बूथों में से 11 मगराहाट पश्चिम और 4 डायमंड हार्बर क्षेत्र में स्थित हैं। पहले चरण के मतदान के दौरान इन जगहों पर कथित गड़बड़ियों और शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया था। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया था कि कुछ बूथों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई, जिसमें उनके चुनाव चिन्ह ‘कमल’ के सामने बटन को टेप से ढकने की कोशिश की गई थी। इस कथित घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थीं, जिसके बाद आयोग ने मामले का संज्ञान लिया।
री-पोलिंग के दौरान फलता विधानसभा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें मतदान से रोका गया और धमकाया गया। नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुनर्मतदान की मांग की। वहीं, कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेताओं द्वारा डराने-धमकाने की कोशिश की गई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जहां भी गड़बड़ी के प्रमाण मिलेंगे, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 58(2) के तहत पुनर्मतदान का फैसला लिया गया है, जो गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में लागू होता है।
कुल मिलाकर, पुनर्मतदान के दौरान एक ओर लोकतांत्रिक भागीदारी मजबूत दिखी, तो दूसरी ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और स्थानीय असंतोष ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।