Knews Desk-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत आज 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान जारी है। एक तरफ जहां लाखों मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों से हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मतदान के बीच मुर्शिदाबाद में अचानक हिंसा भड़क उठी। यहां असामाजिक तत्वों ने देसी बम फेंके, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। सुरक्षा बलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं।

भारी संख्या में मतदाता और उम्मीदवार मैदान मे
इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि करीब 3 करोड़ 60 लाख मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। सुबह से ही कई बूथों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो लोकतंत्र के प्रति जनता के उत्साह को दर्शाती हैं हालांकि हिंसा की घटनाएं इस उत्साह पर असर डालने की कोशिश कर रही हैं।
44 हजार से ज्यादा बूथ, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राज्यभर में 44,376 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें करीब 3,000 सहायक बूथ भी शामिल हैं। 5,444 बूथों का संचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जबकि 207 मॉडल बूथ मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं दे रहे हैं।
साथ ही, 7,384 बूथों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है, जहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुर्शिदाबाद की घटना के बाद इन संवेदनशील इलाकों में निगरानी और भी बढ़ा दी गई है चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है। दोनों दलों के लिए यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है। हिंसा की घटनाओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।

आगे क्या?
पहले चरण के बाद अब नजर दूसरे चरण पर है, जो अगले बुधवार को होगा। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और जहां-जहां हिंसा हुई है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है
बंगाल चुनाव 2026 का पहला चरण लोकतंत्र और तनाव—दोनों की तस्वीर पेश कर रहा है। एक ओर लोग बढ़-चढ़कर वोट डाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुर्शिदाबाद जैसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन आने वाले चरणों में किस तरह इन चुनौतियों से निपटता है और चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण बना पाता है।