KNEWS DESK- बिहार में राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार ने पुराने फैसले को पलटते हुए हड़ताल पर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। इस निर्णय के बाद लंबे समय से चल रहे विवाद और तनाव में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निलंबित राजस्व कर्मचारियों का सस्पेंशन रद्द करने का ऐलान किया है। यह फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार द्वारा लिया गया है। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक कामकाज को सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अपनाते हुए 224 राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। ये कर्मचारी 11 फरवरी से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे, जिससे राजस्व से जुड़े कई कार्य प्रभावित हुए थे।
स्थिति तब और जटिल हो गई जब 9 मार्च के बाद कई सीओ और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल में शामिल हो गए। इसके बाद 45 से अधिक अधिकारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई थी। लगातार बढ़ते विरोध और कामकाज ठप होने की स्थिति ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी।
अब सरकार ने अपने नए निर्णय में सभी निलंबित कर्मचारियों का सस्पेंशन वापस लेने और उन्हें जल्द बहाल करने का आदेश दिया है। इस फैसले से कर्मचारियों में राहत की भावना देखी जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य विभागीय कार्यों को दोबारा गति देना और प्रशासनिक व्यवस्था को सामान्य करना है। उम्मीद है कि इस निर्णय के बाद लंबित कार्यों में तेजी आएगी और विभाग में स्थिरता लौटेगी।