उत्तराखंड- उत्तराखंड राज्य के लिए आज ऐतिहासिक दिन है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया है। इसके साथ ही आज से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर विधिवत संचालन भी आज से शुरू हो जाएगा। इस एक्सप्रेस वे से देहरादून से दिल्ली की दूरी सिर्फ ढाई घंटे में तय हो जाएगी। इसे दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर भी कहा जा रहा है, जो प्रदेश के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देहरादून के विश्वप्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ डाट काली के प्राचीन मंदिर में पूजा अर्चना की गई, उसके बाद कड़ी सुरक्षा और व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 किलोमीटर का रोड शो करते दिखे, जिसमें प्रदेश व पूरे देहरादून का भारी जनसैलाब प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करता दिखाई दिया जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर डेढ़ बजे के समय प्रदेश की जनता को सम्बोधित करने के लिए देहरादून के गढ़ी कैंट स्तिथ जसवंत ग्राउंड जनसभा स्थल पहुंचे। जहाँ प्रधानमंत्री की झलक पाने और उनके सम्बोधन को सुनने के लिए हज़ारो की संख्या में लोगों का हुज़ूम उमड़ पड़ा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड वासियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। अपने वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई घोषणाएं प्रदेश के लिए की साथ ही जनता का आभार भी व्यक्त किया। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 2014 में पदभार संभालने के बाद अब तक ये 28वां दौरा है। साथ ही कई और बड़ी सौगात प्रदेश को उनके द्वारा दी गई है। इसी के चलते राज्य सरकार को कई उम्मीदें समय समय पर प्रधानमंत्री मोदी से लगी रहती है। कुल मिलाकर आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक तो रहा, राज्य सरकार व सत्ता पक्ष भाजपा द्वारा आज के दिन के लिए लम्बे समय से तैयारियां भी की जा रही थी लेकिन प्रदेश की सियासत में बैठा विपक्ष अभी भी नाखुश दिखाई दे रहा है और प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर कई सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है, जिसके बाद आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ गया है।
प्रदेश के लिए आज का दिन बड़ा ही ऐतिहासिक रहा, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साढ़े बारह हज़ार करोड़ की बड़ी सौगात के रूप में देहरादून- दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया। लम्बे समय से राज्य सरकार व प्रदेशवासियों को इस समय का इंतज़ार था, इसी के साथ ही आज से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर विधिवत संचालन भी आज से शुरू हो जाएगा। इस एक्सप्रेस वे से देहरादून से दिल्ली की दूरी सिर्फ ढाई घंटे में तय हो जाएगी। इसे दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर भी कहा जा रहा है जिसे एक ऐतिहासिक पल के रुप में देखा जा रहा है। सत्ता पक्ष का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के संरक्षण में चल डबल इंजन की सरकार ने अपने विभिन्न कार्यों से उत्तराखंड को नई पहचान दिलाने का काम किया है। सत्ता पक्ष आज के दिन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई बड़ी परियोजना को विरासत और विकास का मॉडल मान रहा है तो वहीं विपक्ष द्वारा कई सवाल प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर खड़े किये गये है।
लम्बे समय के इंतज़ार के बाद आखिरकार दिल्ली से देहरादून के सफर के समय को कम करने की जद्दोजहद करती सरकार के लिए व साथ ही पूरे प्रदेशवासियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा है जब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वयं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया लेकिन प्रदेश की सियासत में बैठी विपक्षी पार्टी अभी नाखुश दिख रही है। साथ ही दिल्ली – देहरादून एक्सप्रेसवे के नाम को लेकर भी कई सवाल खड़े किये है, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरिश रावत द्वारा तो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट के जरिये साझा किया है कि आम्बेडकर जयंती के अवसर पर हुए एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के चलते एक्सप्रेसवे का नाम भीमराव आम्बेडकर के नाम पर रखा जाये, जो वास्तव में सच्ची श्रद्धांजलि का रूप माना जायेगा। वहीं कांग्रेस का मानना है कि प्रदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कई घोषणाएं तो हुई लेकिन अभी भी कई कार्य अधूरे है। साथ ही कानून व्यवस्था, रोजगार, महंगाई, पलायन, वन्य जीवों के हमले, आपदा जैसे मुद्दे अभी भी गंभीर है और इन तमाम मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी को जवाब भी देने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर आम जनता को समर्पित कर दिया है। अब देहरादून से दिल्ली की दूरी भले ही कम हो गई हो लेकिन अब इसका असर राजधानी देहरादून पर अधिक लोड भी बढ़ता नजर आएंगे अब जरुरत है, तो इस समय सिर्फ प्रदेश की सड़कों को और बढ़ने का ताकि यहाँ की जनता को बढ़ते ट्रैफिक का सामना न करना पड़े साथ जाम पर काबू लग सके अन्यथा आने वाले समय पर प्रदेश को जाम का सामना निश्चित रूप से करना ही पड़ेगा।