डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल एक बड़े हादसे का शिकार होते-होते बाल-बाल बच गए। मुंबई से पुणे जा रहे उनके हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई, जब तय हेलीपैड की बजाय हेलीकॉप्टर को पास के एक कार पार्किंग क्षेत्र में उतार दिया गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और पायलट की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, छगन भुजबल पुणे में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मुंबई से रवाना हुए थे। उनका हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर उतरने वाला था, लेकिन अंतिम समय में पायलट ने दिशा बदलते हुए उसे पास की पार्किंग में उतार दिया। उस समय पार्किंग क्षेत्र में कई गाड़ियां खड़ी थीं, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बन गई थी।
पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
विशेषज्ञों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड्स के घूमने के दौरान अगर वे किसी वाहन से टकराते, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी। हालांकि, पायलट ने किसी तरह हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस पूरी घटना में मंत्री भुजबल सहित कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, जो राहत की बात है।घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर को अचानक पार्किंग क्षेत्र में उतरते देख लोग घबरा गए थे। हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण में आ गई। बताया जा रहा है कि छगन भुजबल पुणे में ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पहुंचे थे। लेकिन उनकी यात्रा के दौरान हुई यह अप्रत्याशित घटना अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।
नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
फिलहाल, मंत्री भुजबल ने इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि पायलट की यह चूक तकनीकी खामी के कारण हुई या फिर मानवीय भूल की वजह से। प्रारंभिक तौर पर इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है, क्योंकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा और लैंडिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाता है। ऐसे में निर्धारित हेलीपैड की जगह किसी अन्य स्थान पर उतरना सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना जाता है।