डिजिटल डेस्क- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। हरियाणा के रेवाड़ी से अपने परिवार के साथ दर्शन करने आए महज 6 साल के मासूम दिव्यांश शर्मा की एक लापरवाही भरे हादसे में जान चली गई। इस घटना ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि दिव्यांश अपने पिता प्रवीण शर्मा और अन्य परिजनों के साथ सुबह ही धाम पहुंचा था। परिवार को उम्मीद थी कि दर्शन से उनके बीमार बेटे को राहत मिलेगी, लेकिन किसे पता था कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाएगी। धाम परिसर में एक ढाबे पर रुके हुए परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में उनकी खुशियां हमेशा के लिए छिन जाएंगी।
बिना सुरक्षा इंतजाम के खुला था गड्ढा
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे के आसपास दिव्यांश खेलते-खेलते ढाबे के पास बने एक खुले और गहरे गड्ढे की ओर चला गया। यह गड्ढा गंदे पानी से भरा हुआ था और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुला पड़ा था। खेलते-खेलते मासूम उसमें गिर गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। जब कुछ देर तक बच्चा नजर नहीं आया तो परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने उसे ढूंढना शुरू किया। काफी तलाश के बाद जो मंजर सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर दिया। दिव्यांश का शव उसी गड्ढे में मिला। परिवार के लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
नहीं आई सरकारी एम्बुलेंस, मजबूरी का फायदा उठाने की हुई कोशिश- पिता
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के पिता प्रवीण शर्मा ने गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद सरकारी एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। बार-बार सूचना देने के बावजूद मदद नहीं मिली और कुछ लोगों ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश भी की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले में लापरवाही के पहलुओं की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी फरवरी महीने में इसी धाम में एक युवक की तबीयत बिगड़ने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।