KNEWS DESK- भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक, एंड्रॉयड के कई वर्जन में ऐसी खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स बिना किसी लिंक पर क्लिक करवाए भी फोन को हैक कर सकते हैं।
किन Android वर्जन और फोन्स पर है खतरा?
CERT-In की रिपोर्ट के अनुसार, यह खतरा एंड्रॉयड के कई लेटेस्ट वर्जन में मौजूद है, जिनमें Android 14, Android 15, Android 16, Android 16 QPR2 इन वर्जन पर चलने वाले कई लोकप्रिय ब्रांड्स के स्मार्टफोन भी जोखिम में हैं, जैसे Samsung, Xiaomi, Vivo, OnePlus, Realme, Google Pixel डिवाइस यानि अगर आपका फोन इन वर्जन पर काम कर रहा है, तो आपको तुरंत सतर्क होने की जरूरत है।
कैसे काम करता है यह खतरनाक हैकिंग तरीका?
CERT-In के अनुसार, एंड्रॉयड सिस्टम के फ्रेमवर्क और हार्डवेयर कंपोनेंट्स में कई गंभीर कमजोरियां (vulnerabilities) पाई गई हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर
- हैकर बिना अनुमति के फोन में खतरनाक कोड चला सकता है।
- आपका फोन अचानक क्रैश हो सकता है।
- निजी डेटा लीक हो सकता है।
- हैकर को डिवाइस का पूरा कंट्रोल मिल सकता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अटैक के लिए यूजर को कोई लिंक क्लिक करने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती—यह पूरी तरह “साइलेंट अटैक” हो सकता है।
कैसे बचें इस साइबर खतरे से?
इस बड़े खतरे से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:
तुरंत फोन अपडेट करें
फोन की सेटिंग में जाकर लेटेस्ट सिस्टम अपडेट और सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल करें।
भरोसेमंद ऐप्स ही डाउनलोड करें
सिर्फ Google Play Store से ही ऐप्स डाउनलोड करें, थर्ड-पार्टी सोर्स से बचें।
सिक्योरिटी अलर्ट पर नजर रखें
समय-समय पर आने वाले अपडेट और चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।
संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहें
फोन के व्यवहार में कोई असामान्यता दिखे तो तुरंत जांच करें।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
यह साइबर खतरा बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें यूजर की कोई गलती भी जरूरी नहीं—फिर भी फोन हैक हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप सतर्क रहें और समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाएं। याद रखें एक छोटा सा अपडेट आपके डेटा और प्राइवेसी को बड़े खतरे से बचा सकता है।