KNEWS DESK- बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है, क्योंकि सत्तारुढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने सांसद गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता निरस्त करने की मांग को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस दिया है। पार्टी के नेता दिलेश्वर कामैत ने स्पीकर को यह नोटिस सौंपा, जिसमें गिरधारी यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए गए हैं।
पार्टी ने अपने नोटिस में पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए बताया कि गिरधारी के बेटे ने विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और गिरधारी यादव ने बेटे के लिए प्रचार किया। इसके अलावा, पिछले साल जुलाई में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) के खिलाफ सार्वजनिक बयान भी दिया था, जिसे पार्टी ने अनुशासनहीनता और पार्टी रुख के खिलाफ माना।
पार्टी ने नोटिस में यह भी कहा कि गिरधारी यादव की टिप्पणियों से न केवल पार्टी को शर्मिंदगी हुई, बल्कि विपक्ष के आरोपों को भी वैधता मिली। JDU ने उनके आचरण को अनुशासनहीन बताया और जोर देकर कहा कि उनकी सार्वजनिक टिप्पणियां पार्टी के घोषित रुख के अनुरूप नहीं थीं। नोटिस में स्पीकर से अनुरोध किया गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण गिरधारी यादव की सदस्यता को निरस्त किया जाए।
इसी बीच, जेडीयू के प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से फिर से पार्टी अध्यक्ष चुन लिया गया। राजधानी दिल्ली में JDU नेता अनिल हेगड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पद के लिए केवल नीतीश कुमार का नामांकन था और कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था, इसलिए उन्हें फिर से अध्यक्ष चुना गया। इस विकास के साथ ही जेडीयू में नेतृत्व की स्थिति स्थिर हुई है, जबकि गिरधारी यादव के खिलाफ कार्रवाई का मामला राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है।