डिजिटल डेस्क- नवरात्रि के पावन पर्व पर खुशियां मातम में बदल गईं। फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी, सेक्टर-50 में गुरुवार रात कुट्टू के आटे से बने पकौड़े खाने के बाद फूड पॉयजनिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। इसमें करीब 8 से 10 परिवारों के 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, डबुआ कॉलोनी के निवासी पुलकित, माया, प्रीति, जॉनी, कपिल और मोहित सहित कई अन्य लोगों ने व्रत रखा हुआ था। व्रत खोलने और प्रसाद के रूप में पकौड़े बनाने के लिए उन्होंने अपने घर के पास स्थित हरीश नाम की एक दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा था। रात के समय सभी परिवारों ने उसी आटे से पकौड़े तले और खाने के बाद सोने चले गए। हालांकि, देर रात अचानक सभी की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई।
खाने के बाद पेट दर्द और लगातार उल्टियों की रही शिकायतें
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। कई लोगों को ठंड लगने और बुखार के साथ-साथ पूरे शरीर में दर्द महसूस हुआ। देखते ही देखते कॉलोनी में हड़कंप मच गया। जब एक ही जगह से आटा खरीदने वाले लोगों की तबीयत बिगड़ी, तो समझ में आया कि आटे में ही कोई खराबी है। स्थिति गंभीर होने पर सभी को तुरंत तान्या नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। तान्या नर्सिंग होम के डॉक्टर सेवाराम रतन ने बताया कि रात करीब 12:30 बजे से मरीजों का तांता लगना शुरू हो गया था। करीब 25 लोग उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने कहा कि सभी का प्राथमिक उपचार किया गया है, लेकिन कुछ मरीजों की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें बड़े अस्पताल में रेफर करना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मरीजों ने एक ही दुकान से कुट्टू का आटा खरीदने की पुष्टि की है, जिससे साफ है कि फूड पॉयजनिंग का कारण वही आटा है।
दुकानदार पर खराब और मिलावटी आटा बेचने का लगा आरोप
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकानदार ने खराब और मिलावटभरा आटा बेचा है, जिससे इतनी बड़ी घटना घटी है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का रुख इस मामले में अभी तक संदिग्ध बना हुआ है। डबुआ थाना प्रभारी संग्राम दहिया का कहना है कि थाने में अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई शिकायत आएगी, उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, फरीदाबाद के सिविल अस्पताल के सीएमओ (CMO) ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर कुट्टू के आटे से लोग बीमार हुए हैं, तो यह ड्रग एंड फूड विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके लिए अलग से बोर्ड बना हुआ है, जो ऐसे मामलों की जांच करता है। सिविल अस्पताल के पास इस विभाग का कोई प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वजनों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो सके।