KNEWS DESK- उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहा मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार आज साकार होने जा रहा है। नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस बहुप्रतीक्षित विस्तार के साथ राज्य की सियासी गतिविधियों में नई हलचल देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में फिलहाल कैबिनेट के पांच पद खाली हैं, जिन्हें आज भरा जाना है। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रियों के चयन में विधायकों के पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन, संगठन में उनकी सक्रियता और जनाधार को प्रमुख आधार बनाया गया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि सरकार का प्रतिनिधित्व व्यापक और संतुलित दिखाई दे।
दरअसल, उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व और राज्य सरकार के बीच कई दौर की चर्चा भी हो चुकी थी। सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श और संगठनात्मक सहमति बनने के बाद अब नवरात्र के शुभ अवसर को इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए चुना गया है।
धामी सरकार में मंत्रियों के कुछ पद पहले से ही रिक्त थे, जबकि हाल ही में दो पद और खाली हो गए थे। एक पद मंत्री चंदन रामदास के निधन के कारण और दूसरा प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ। इन सभी रिक्तियों को भरने के बाद सरकार की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ सरकार जल्द ही निगमों, बोर्डों और आयोगों में भी नियुक्तियां करने की तैयारी में है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों को दायित्व सौंपने की प्रक्रिया भी तेज होगी। सूत्रों के अनुसार, करीब दो दर्जन पदों पर नई नियुक्तियां जल्द की जा सकती हैं, जिससे संगठन और सरकार के बीच समन्वय और मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, यह मंत्रिमंडल विस्तार न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम है, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति को भी दिशा देने वाला माना जा रहा है।