KNEWS DESK- दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार के बाद शुक्रवार की सुबह भी तेज बारिश के साथ हुई, जिससे राजधानी और आसपास के इलाकों में ठंडक बढ़ गई है। नोएडा, गुरुग्राम और दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन साथ ही मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इसके साथ तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। नोएडा, दादरी और ग्रेटर नोएडा में भी इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है।
केवल दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में तो रेड अलर्ट तक घोषित किया गया है।
इस मौसम बदलाव की शुरुआत बुधवार को हल्की बूंदाबांदी से हुई थी, जो गुरुवार तक तेज बारिश में बदल गई। लगातार बादल छाए रहने और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से कम और इस महीने का सबसे न्यूनतम स्तर था। इस बार मार्च में अब तक औसतन 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जो इस समय उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी हो रही है। साथ ही हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में बारिश हो रही है। हालांकि, यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्व की ओर खिसक रहा है, जिससे बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश और ठंड के बीच नवरात्रि के पहले दिन हजारों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचे। खराब मौसम के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने यात्रा पूरी कर पूजा-अर्चना की।
राजस्थान के कई हिस्सों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हुई है। जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में शुक्रवार को भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। हालांकि, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर के कुछ इलाकों में मौसम शुष्क रह सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 मार्च के बाद बारिश का दौर थम जाएगा, जबकि 22 मार्च को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बदरीनाथ, केदारनाथ और आसपास के क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछ गई है, जबकि निचले इलाकों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में भी बर्फबारी ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है। मनाली और लाहौल-स्पीति में बर्फ गिरने से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और होटलों की बुकिंग में इजाफा हुआ है।
कुल मिलाकर, यह मौसम बदलाव जहां लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत भी है।