KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
कई DIG और DM बदले गए
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रायगंज, मुर्शिदाबाद और बर्दवान के DIG स्तर के अधिकारियों का तबादला किया गया है। इसके अलावा प्रेसिडेंसी रेंज और जलपाईगुड़ी रेंज के अधिकारियों में भी बदलाव किया गया है।
सिर्फ पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फेरबदल हुआ है—कुल 13 जिला मजिस्ट्रेट (DM) को बदला गया है, जिनमें उत्तर दिनाजपुर, मालदा, नादिया, कोलकाता के हिस्से, दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार जैसे अहम जिले शामिल हैं।
इससे पहले भी चुनाव आयोग राज्य के DGP, पांच कमिश्नरेट के CP और ADG (कानून-व्यवस्था) स्तर के अधिकारियों को हटा चुका है। लगातार हो रहे इन तबादलों को चुनाव से पहले निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने की कवायद माना जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इन तबादलों को लेकर सियासत भी गरमा गई है। राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी विभिन्न संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जाती है और अब प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
बीजेपी का पलटवार
वहीं बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जब तक ये अधिकारी पद पर थे, वे राज्य सरकार के प्रभाव में काम कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में सबूतों को नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।