यूपी: सीएम योगी के आदेश के बावजूद कर्मचारियों की सैलरी नहीं आई, तकनीकी दिक्कत बताई जा रही है

KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में फरवरी माह की वेतन और पेंशन अभी तक कर्मचारियों और पेंशनर्स के खातों में नहीं पहुंची है, जिससे त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं के समय आर्थिक एवं प्रशासनिक चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी माह की सैलरी समय पर क्रेडिट कराने के आदेश दिए थे, लेकिन 1 मार्च को रविवार होने और 2-4 मार्च तक होने वाले अवकाश के कारण कई विभागों में भुगतान अभी तक नहीं हो पाया।

Uttar Pradesh State Employees Federation के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि होली से पहले भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन शनिवार देर रात तक सैलरी और पेंशन नहीं पहुंची। सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने बताया कि कई जिलों से पेंशन न मिलने की शिकायतें आई हैं।

वेतन और पेंशन की देरी से लाखों परिवारों के लिए होली उत्सव में आर्थिक कठिनाई खड़ी हो गई है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि त्योहार से पहले भुगतान जारी किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में स्ट्रांग रूम और केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी निभा रहे शिक्षक व प्रधानाध्यापक भी होली पर घर जाने को लेकर असमंजस में हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक Dr. Mahendra Dev द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा कार्य से जुड़े अधिकारी संबंधित मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकते।

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय और प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव ने विरोध जताया कि 1 से 8 मार्च तक परीक्षा नहीं होने के कारण शिक्षकों को अवकाश में गृह जनपद जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने होली, रमजान और ईद समेत आगामी त्योहारों पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने का आदेश दिया। सीएम ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों में पूरी सतर्कता बरतें और पर्व-त्योहारों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराएं।

उन्होंने लाउडस्पीकर हटवाने, सोशल मीडिया निगरानी बढ़ाने और बिजली की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही होली और बोर्ड परीक्षाओं के समय सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और स्ट्रांग रूम की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

सीएम ने सभी जिलों में होलिका दहन समितियों और पीस कमेटियों की बैठकें कराने और पर्वों के दौरान अभद्र गीत-संगीत न बजाने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि त्यौहार उल्लास और भाईचारे का प्रतीक हैं, किसी को परेशान करने का माध्यम नहीं।

उत्तर प्रदेश में यह स्थिति राज्य सरकार और प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है, क्योंकि त्योहार, वेतन और बोर्ड परीक्षाओं के समय सुरक्षा और आर्थिक जरूरतों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *