KNEWS DESK- बाजार में मिलने वाली तरह-तरह की मिठाइयों का स्वाद हर किसी को लुभाता है। रंग-बिरंगी और अलग-अलग दामों पर मिलने वाली इन मिठाइयों को बनाने में छेना, दूध, चीनी, खोया या मावा और मेवा का भरपूर उपयोग किया जाता है। लेकिन अक्सर लोग मावा और मेवा को एक ही समझ लेते हैं या फिर खोया और मावा को अलग-अलग मान बैठते हैं। आइए जानते हैं इन दोनों के बीच असली अंतर क्या है।
क्या खोया और मावा अलग होते हैं?
सबसे पहले यह जान लें कि खोया और मावा एक ही चीज हैं। दूध को लगातार उबालकर जब उसे गाढ़ा और ठोस रूप में बदल दिया जाता है, तो उसे खोया या मावा कहा जाता है।
मावा पूरी तरह से दूध से तैयार किया जाता है और इसे घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है। दूध को तेज आंच पर पकाते-पकाते जब उसमें से पानी सूख जाता है और गाढ़ा मिश्रण तैयार हो जाता है, वही मावा कहलाता है।
मावा के प्रकार
मावा मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है:
- बट्टी खोया – सख्त और जमा हुआ
- दानेदार खोया – हल्का दानेदार बनावट वाला
- चिकना खोया – मुलायम और स्मूद
मावा से बनी मिठाइयों का स्वाद बेहद समृद्ध और लाजवाब होता है। हालांकि शुद्ध मावा 24 घंटे के भीतर खराब हो सकता है, जबकि मिलावटी मावा कई दिनों तक खराब नहीं होता।
मावा के फायदे
- कैल्शियम से भरपूर
- हड्डियों को मजबूत बनाता है
- हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
- शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है
मावा और मेवा में क्या है अंतर?
अब बात करते हैं मेवा की। मेवा का मतलब होता है सूखे मेवे यानी ड्राई फ्रूट्स। जहां मावा दूध से बनता है, वहीं मेवा फलों या बीजों को सुखाकर तैयार किया जाता है।
मेवा के उदाहरण
- काजू
- बादाम
- पिस्ता
- अखरोट
- किशमिश
- अंजीर
- खजूर
- चिलगोजा
कुछ मेवे फलों को सुखाकर बनाए जाते हैं, जैसे किशमिश, खजूर और अंजीर। वहीं कुछ मेवे फलों के बीज या गिरियां होते हैं, जैसे बादाम और काजू।
मेवा के फायदे
- प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर
- इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक
- दिमाग और हृदय के लिए फायदेमंद
- शरीर को आवश्यक विटामिन और मिनरल्स प्रदान करते हैं
मिठाइयों में दोनों की अलग भूमिका
मावा मिठाइयों का बेस तैयार करता है, जैसे बर्फी, पेड़ा, गुजिया आदि। वहीं मेवा मिठाइयों में स्वाद, कुरकुरापन और पोषण बढ़ाने के लिए डाला जाता है। इसलिए अगली बार जब आप मिठाई खरीदें या बनाएं, तो याद रखें — खोया और मावा एक ही हैं, लेकिन मेवा बिल्कुल अलग चीज है।
मावा और मेवा नाम भले मिलते-जुलते हों, लेकिन दोनों की उत्पत्ति, बनावट और उपयोग अलग-अलग हैं। सही जानकारी होने से न केवल आपकी समझ बढ़ेगी, बल्कि आप शुद्ध और मिलावटी उत्पाद में भी फर्क पहचान पाएंगे।