डिजिटल डेस्क- प्रयागराज में दर्ज पॉक्सो मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दावा किया है कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ उन्होंने भी मुकदमा दर्ज करा दिया है। शंकराचार्य का कहना है कि उन्होंने पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 के तहत यह कार्रवाई की है, जिसमें झूठी शिकायत करने पर प्रतिवाद का प्रावधान है। पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दुर्भावनापूर्ण तरीके से फर्जी आरोप लगाता है, तो कानून उसके खिलाफ भी कार्रवाई की अनुमति देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ रची गई साजिश के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।
21 फरवरी को झूंसी में दर्ज कराया गया था मुकदमा
गौरतलब है कि बीती 21 फरवरी को प्रयागराज के झूंसी थाने में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पिछले वर्ष गुरुकुल और हाल ही में आयोजित माघ मेले के दौरान एक नाबालिग समेत दो लोगों का यौन शोषण किया गया। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि जिन दो नाबालिगों का नाम लिया गया है, वे लंबे समय से आशुतोष ब्रह्मचारी के पास ही रह रहे थे और उनका उनसे कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों बच्चों के मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई गलत हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी उन लोगों पर है, जिनके पास वे रह रहे थे।
150 से 200 लोगों के रहने का स्थान है मठ, कोई विलासिता की जगह नहीं
मठ परिसर में ‘शीश महल’ और ‘स्विमिंग पूल’ जैसी सुविधाओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनका मठ छोटा है और वहां 150 से 200 लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि कोई गुप्त स्थान या विशेष विलासिता की व्यवस्था नहीं है। उनके अनुसार, पूर्व गुरु के स्वास्थ्य कारणों से कभी व्यायाम के लिए एक व्यवस्था बनाई गई थी, जो अब बंद पड़ी है। शंकराचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में अपराधी जांच को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने अपने मोबाइल पर एक व्हाट्सएप ग्रुप दिखाते हुए दावा किया कि यह ग्रुप आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा बनाया गया है, जिसमें उनके खिलाफ मामले से संबंधित सूचनाएं साझा की जा रही हैं।