KNEWS DESK- हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है। यह तिथि विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता Ganesha को समर्पित होती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

इस बार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।
फाल्गुन विनायक चतुर्थी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार फाल्गुन विनायक चतुर्थी की तिथि इस प्रकार है:
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 20 फरवरी 2026, दोपहर 02:38 बजे से
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 21 फरवरी 2026, दोपहर 01:00 बजे तक
- मुख्य व्रत (उदयातिथि के अनुसार): 21 फरवरी 2026
- मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:27 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक
इस दिन शुक्ल योग और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो पूजा के फल को कई गुना बढ़ाने वाला माना जाता है। ये योग शाम से लेकर रात्रि तक प्रभावी रहेंगे।
विनायक चतुर्थी पर क्यों वर्जित है चंद्र दर्शन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति पर झूठे कलंक लगने की संभावना रहती है। इसलिए इस दिन चंद्रमा के दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है।
विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में विनायक चतुर्थी को संकटों को हरने वाली तिथि कहा गया है। फाल्गुन मास की चतुर्थी विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है क्योंकि यह नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है।
इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि, विवेक और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। जो लोग करियर, शिक्षा या मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
विनायक चतुर्थी की पूजा विधि
- प्रातःकाल उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें।
- शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को लाल वस्त्र पर स्थापित करें।
- गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।
- गणपति को सिंदूर, अक्षत और 21 गांठ दूर्वा अर्पित करें।
- मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
- गणेश चालीसा का पाठ करें और घी के दीपक से आरती करें।
- अंत में अपनी सामर्थ्य अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
फाल्गुन विनायक चतुर्थी का यह पावन पर्व भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।