पद्म विभूषण से सम्मानित मशहूर नृत्यांगना और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सोनल मानसिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य के महान कलाकारों को भी देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा जाए। उन्होंने कहा कि नृत्य कला का योगदान भी संगीत के बराबर है और इसे उचित सम्मान मिलना चाहिए।
Knews Desk- सोनल मानसिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर चार ऐसे महान नृत्य कलाकारों के नाम सुझाए हैं, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और नृत्य परंपरा को दुनियाभर में पहचान दिलाई। उन्होंने साफ किया कि यह मांग उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि उन कलाकारों के सम्मान के लिए उठाई है, जिनका योगदान भारतीय कला जगत में अतुलनीय रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में कई महान संगीतकारों और गायकों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और लता मंगेशकर जैसी हस्तियां शामिल हैं। लेकिन अब तक किसी भी नृत्य कलाकार को यह सर्वोच्च सम्मान नहीं मिला है। सोनल मानसिंह ने सवाल उठाया कि बाला सरस्वती, रुक्मिणी देवी अरुंडेल और पंडित बिरजू महाराज जैसे दिग्गज कलाकारों का योगदान क्या किसी से कम था?
नृत्य और संगीत को मिले बराबर सम्मान
सोनल मानसिंह ने कहा कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी किसी नृत्य कलाकार को भारत रत्न न मिलना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि संगीत को नृत्य से ज्यादा महत्व दिया जाता है, जबकि भारतीय परंपरा में दोनों कलाओं का स्थान समान है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संस्कृति की पहचान बनाने में नृत्य कलाकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है और उन्हें भी देश के सर्वोच्च सम्मान की श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए।
‘श्री राम कथा’ से फिर चर्चा में सोनल मानसिंह
इन दिनों सोनल मानसिंह अपने नृत्य कार्यक्रम ‘श्री राम कथा’ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने भोपाल में इस प्रस्तुति के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन की कथा को शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से पेश किया। कार्यक्रम में श्रीराम जन्म से लेकर रावण वध तक की घटनाओं को बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिखाया गया, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
कई बड़े सम्मानों से हो चुकी हैं सम्मानित
डॉ. सोनल मानसिंह को भारतीय कला और संस्कृति में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें वर्ष 1992 में पद्म भूषण और 2003 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। वह बाला सरस्वती के बाद पद्म विभूषण पाने वाली दूसरी महिला नृत्यांगना बनीं। इसके अलावा उन्हें कालिदास सम्मान, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है।