Delhi SIR: दलित-मुस्लिम बहुल सीटों पर बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर, जानिए पूरा आंकड़ा

Knews Desk: दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के मुताबिक दिल्ली के 1,45,10,299 रजिस्टर्ड वोटर्स में से 47,56,722 के नाम इसमें शामिल नहीं हैं। यानी करीब 32.8 फीसदी वोटर्स फिलहाल ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी लोगों के नाम अंतिम वोटर लिस्ट से कट गए हैं।ड्राफ्ट लिस्ट में 97,53,577 वोटर्स के नाम शामिल किए गए हैं। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट में नहीं हैं, उन्हें 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले लोगों के नाम अंतिम सूची में जोड़े जा सकते हैं। SIR की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी होगी।

सीटवार आंकड़ों पर नजर डालें तो तुगलकाबाद में सबसे ज्यादा 47.8 फीसदी वोटर्स ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं। इसके बाद ओखला में 45.2 फीसदी, बदरपुर में 42.6 फीसदी, महरौली में 41 फीसदी, पटपड़गंज में 40.1 फीसदी और बुराड़ी में 39.2 फीसदी वोटर्स बाहर हैं। देवली में 37.3 फीसदी, छतरपुर में 37.2 फीसदी, रिठाला में 36.4 फीसदी, विकासपुरी में 34.7 फीसदी और बादली में 34.5 फीसदी नाम ड्राफ्ट में नहीं हैं। करावल नगर में यह आंकड़ा 32.8 फीसदी, किरारी में 31 फीसदी और नांगलोई जाट में 29.8 फीसदी है।मुस्लिम बहुल विधानसभा सीटों में ओखला सबसे ऊपर है, जहां करीब 45.3 फीसदी वोटर्स के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं। चांदनी चौक में यह आंकड़ा 38.9 फीसदी है। वहीं मटिया महल में 34.5 फीसदी, बल्लीमारान में 32.6 फीसदी, मुस्तफाबाद में 28 फीसदी, बाबरपुर में 27 फीसदी और सीलमपुर में 23.3 फीसदी वोटर्स ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं। ओखला और चांदनी चौक को छोड़ दें तो कई मुस्लिम बहुल सीटों पर ड्राफ्ट से बाहर हुए वोटर्स का आंकड़ा दिल्ली के औसत 32.7 फीसदी से कम है।

दिल्ली में 12 विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए रिजर्व हैं। इनमें मंगोलपुरी, मादीपुर, सीमापुरी, त्रिलोकपुरी, सुल्तानपुर माजरा, गोकुलपुर, बवाना, पटेल नगर, कोंडली, अंबेडकर नगर, देवली और करोलबाग शामिल हैं। इनमें पटेल नगर में 40.8 फीसदी, करोलबाग में 40.4 फीसदी, अंबेडकर नगर में 39.5 फीसदी और कोंडली में 37.5 फीसदी वोटर्स ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हैं। त्रिलोकपुरी में 33.5 फीसदी, सीमापुरी में 32.5 फीसदी, सुल्तानपुर माजरा में 31.1 फीसदी और गोकुलपुर में 25.7 फीसदी वोटर्स के नाम नहीं हैं।SC आबादी वाली अन्य सीटों में तुगलकाबाद में 47.8 फीसदी, चांदनी चौक में 38.8 फीसदी, शाहदरा में 33.1 फीसदी और आदर्श नगर में 30.1 फीसदी वोटर्स ड्राफ्ट से बाहर हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कई दलित आबादी वाली सीटों पर भी ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हुए वोटर्स का प्रतिशत काफी ज्यादा है।

SIR के दौरान करीब डेढ़ महीने तक घर-घर जाकर वोटर्स का वेरिफिकेशन किया गया। कुल वोटर्स में से 67.2 फीसदी के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा और डिजिटाइज हुए। बाकी 32.8 फीसदी यानी 47.56 लाख से ज्यादा वोटर्स को ASDDO कैटेगरी में रखा गया। ASDDO में Absent यानी घर पर नहीं मिले, Shifted यानी दूसरी जगह चले गए, Dead यानी मृत, Duplicate यानी दोहरी एंट्री और Others जैसी श्रेणियां शामिल हैं।इसलिए ड्राफ्ट में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि सभी 47.56 लाख लोगों को मृत या फर्जी घोषित कर दिया गया है। फिलहाल यह ड्राफ्ट सूची है। 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका मिलने के बाद जांच होगी और पात्र लोगों के नाम जोड़े जा सकते हैं। ऐसे में वोटर्स की अंतिम स्थिति 4 नवंबर को जारी होने वाली फाइनल SIR लिस्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

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