Knews Desk– अगर आप किसी सोसायटी या अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहते हैं, तो आने वाले दिनों में आपका मासिक मेंटेनेंस बिल बढ़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर की कई हाउसिंग सोसायटियां मेंटेनेंस शुल्क में बढ़ोतरी पर विचार कर रही हैं। कुछ सोसायटियों ने नए शुल्क लागू भी कर दिए हैं, जबकि कई अन्य जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती हैं।
मेंटेनेंस चार्ज बढ़ाने की मुख्य वजह कर्मचारियों के वेतन में हुई वृद्धि बताई जा रही है। हाल ही में न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी के बाद सुरक्षा गार्ड, सफाईकर्मी, माली, इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कर्मचारियों पर होने वाला खर्च काफी बढ़ गया है। चूंकि अधिकांश सोसायटियां इन सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर निर्भर रहती हैं, इसलिए उनके संचालन की कुल लागत में भी इजाफा हुआ है।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है। कई सोसायटियों में शुल्क में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इससे निवासियों पर हर महीने करीब 2,000 से 3,000 रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
वेतन वृद्धि के अलावा डीजल की बढ़ती कीमतें भी सोसायटियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। बिजली कटौती के दौरान उपयोग किए जाने वाले जनरेटर चलाने का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। साथ ही महंगाई और अन्य परिचालन खर्च भी बजट पर दबाव बना रहे हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए कई सोसायटियां खर्च कम करने के उपायों पर काम कर रही हैं। एलईडी लाइटिंग, ऊर्जा संरक्षण योजनाएं और कॉमन एरिया में सोलर पावर सिस्टम लगाने जैसे विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत का असर अंततः निवासियों की जेब पर पड़ना तय है।