होर्मुज स्ट्रेट में 27 भारतीय नाविकों वाले टैंकर पर हमला, माइंस विस्फोट से इंजन रूम में लगी आग

होर्मुज स्ट्रेट में 27 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर हमला हुआ है। जहाज के निचले हिस्से पर दो लिम्पेट माइंस लगाए जाने के बाद इंजन रूम में आग लग गई। हालांकि, जहाज पर मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया और घटना में किसी के घायल होने या समुद्र में तेल फैलने की खबर नहीं है। इससे एक दिन पहले भी भारतीय क्रू वाले एक अन्य तेल टैंकर पर हमला हुआ था।

Knews Desk– होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। शुक्रवार को 27 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे तेल टैंकर MT LOUISE 1 को निशाना बनाया गया। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, एक छोटी नाव से जहाज के निचले हिस्से पर दो लिम्पेट माइंस लगाई गईं। ये विशेष प्रकार की समुद्री माइंस होती हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी हिस्से से चिपकाया जाता है। इनमें विस्फोट होने के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और कुछ समय के लिए उसका कामकाज प्रभावित हुआ।हालांकि, जहाज पर मौजूद कर्मचारियों ने आग बुझा दी। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और समुद्र में तेल का रिसाव भी नहीं हुआ। आग पर काबू पाने के बाद टैंकर ने दोबारा अपना सफर शुरू कर दिया। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, यह हमला ओमान के खासाब शहर से लगभग 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में लिम्पेट माइंस से हमला करने की यह पहली सफल घटना है। इस तरह के हमलों ने समुद्री परिवहन और तेल की आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।लिम्पेट माइंस ऐसी विस्फोटक डिवाइस होती हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी हिस्से से चिपकाया जा सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक, इस इलाके में इनका इस्तेमाल पहली बार 2017 में हुआ था। इसके बाद भी समुद्री मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों को निशाना बनाने के लिए ऐसी माइंस का इस्तेमाल किया गया है। ग्रीस की समुद्री सुरक्षा कंपनी मेरिस्क्स के अनुसार, ये माइंस अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं और छोटी नाव के जरिए जहाज के पास पहुंचकर लगाई जा सकती हैं।

MT LOUISE 1 पर हमले से एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े तेल टैंकर MT ARZANAH को भी निशाना बनाया गया था। उस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उस पर किसी वस्तु से हमला किया गया था। लगातार दो दिनों में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमलों में वृद्धि हुई है। ईरान ने इस समुद्री मार्ग से गुजरने के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कई जहाजों को निशाना बनाया है। इन घटनाओं के बीच क्षेत्र में समुद्री यातायात और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है और जहाज संचालित करने वाली कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनकी देखभाल सुनिश्चित की जा सके।होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में यहां जहाजों पर होने वाले हमले न केवल नाविकों की सुरक्षा, बल्कि वैश्विक समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

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