अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया पर गिरी गाज, 3 पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल होने के बाद पद से हटाए गए

Knews Desk- अमेरिका में गोपनीय सैन्य जानकारी लीक करने के मामले में लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया पर कार्रवाई की गई है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में स्ट्रेटेजी, प्लानिंग और पॉलिसी चीफ के पद से हटा दिया। इस पद पर तैनात अधिकारी और उनकी टीम अमेरिकी सेना की योजनाएं तैयार करने के साथ ही जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन तथा राष्ट्रपति के लिए सैन्य रणनीतियों में तालमेल बनाने का काम करते हैं।शुरुआत में सिल्विया को पद से हटाने की वजह सार्वजनिक नहीं की गई थी। बाद में पेंटागन के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि उनके खिलाफ पत्रकारों को गोपनीय जानकारी देने के आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारी का दावा है कि सिल्विया इस मामले में तीन पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल हुए। पॉलीग्राफ टेस्ट को आमतौर पर झूठ पकड़ने वाला परीक्षण कहा जाता है। हालांकि, इस तरह के परीक्षण के नतीजे अपने आप में किसी आरोप को साबित नहीं करते।

पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया पर बताया कि संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिकी न्याय विभाग यानी जस्टिस डिपार्टमेंट को भेज दिया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सिल्विया के खिलाफ सैन्य अदालत के बजाय सामान्य अदालत में मुकदमा चलाने की तैयारी क्यों की जा रही है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गुरुवार को इस मामले के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सिल्विया को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने गलती से पुरुष जनरल के लिए महिला का जिक्र किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन गोपनीय जानकारी लीक करने वालों की तलाश कर रहा है।

ब्रेट सिल्विया का सैन्य करियर करीब 32 साल का रहा है। मई 2025 तक वह केंटकी के फोर्ट कैंपबेल में 101वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडर थे। इससे पहले वह उसी कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में भी काम कर चुके थे, जिसके प्रमुख पद से उन्हें हटाया गया है। उन्हें छह ब्रॉन्ज स्टार मेडल मिले थे, जिनमें एक वीरता के लिए दिया गया था। युद्ध में घायल होने के कारण उन्हें पर्पल हार्ट मेडल से भी सम्मानित किया गया था।जॉइंट स्टाफ ने बुधवार को सिल्विया की 32 साल की सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए बयान जारी किया था, लेकिन गुरुवार को इसे वापस ले लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दोबारा समीक्षा के बाद पाया गया कि बयान में पूरे मामले की सही जानकारी नहीं थी।

हेगसेथ के कार्यकाल में गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों पर अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। पिछले साल तीन सहयोगियों को नौकरी से हटाया गया था। उस मामले में भी पॉलीग्राफ टेस्ट हुए थे। संबंधित अधिकारियों ने आरोपों को गलत बताया था। इनमें डैन कैल्डवेल बाद में नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर के कार्यालय में नियुक्त हुए।इसी बीच, पेंटागन ने पत्रकारों की पहुंच पर भी पाबंदियां बढ़ाई हैं। अब पत्रकारों के लिए परिसर में किसी अधिकारी के साथ रहना जरूरी है और पेंटागन के प्रेस कार्यालय को भी प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। फिलहाल सिल्विया के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *