फाल्टा थाना हमले की मास्टरमाइंड रेजिना बीबी गिरफ्तार, टीएमसी नेता जहांगीर खान को छुड़ाने की रची थी साजिश

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। फाल्टा पुलिस स्टेशन पर हुए हिंसक हमले और तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की साजिश के सिलसिले में पुलिस ने उनकी पत्नी रेजिना बीबी को गिरफ्तार कर लिया है। रेजिना पिछले तीन दिनों से लगातार फरार चल रही थीं और उन पर इस पूरे हमले की मुख्य मास्टरमाइंड और साजिशकर्ता होने का गंभीर आरोप है। पुलिस को एक खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर छापेमारी करते हुए रेजिना बीबी को जुलपिया इलाके से धर दबोचा गया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के साथ ही फाल्टा थाना हमले के मामले में अब तक गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है। पुलिस जांच और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, रेजिना बीबी ने ही अपने पति जहांगीर खान को पुलिस चंगुल से छुड़ाने के लिए समर्थकों को एकजुट करने और थाने पर धावा बोलने की पूरी योजना तैयार की थी। ज्ञात हो कि कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित चल रहे टीएमसी नेता जहांगीर खान को हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। अपने पति की गिरफ्तारी से बौखलाई रेजिना ने फाल्टा में दोबारा हुए चुनाव के दौरान भीड़ को उकसाकर कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की खतरनाक कोशिश की।

हिंसा से एक दिन पहले हुई थी सीक्रेट मीटिंग, सोची-समझी रणनीति के तहत हुआ हमला

जांच अधिकारियों का कहना है कि लोगों को गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा करने और पुलिस स्टेशन पर हमला करने के पीछे रेजिना बीबी मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक थीं। उन पर बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, थाने पर हुए हमले से ठीक एक दिन पहले रेजिना की अगुवाई में एक गुप्त बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में बकायदा यह रणनीति बनाई गई थी कि पुलिस स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर दूर भारी संख्या में समर्थकों को इकट्ठा किया जाएगा और फिर एक व्यवस्थित व आक्रामक तरीके से थाने की तरफ मार्च किया जाएगा ताकि पुलिस पर दबाव बनाकर जहांगीर खान को जबरन छुड़ाया जा सके। इसी सोची-समझी साजिश के तहत प्रदर्शनकारियों ने फाल्टा थाने पर धावा बोल दिया। भीड़ ने वहां खड़ी पुलिस की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और जबरदस्ती बैरिकेड्स तोड़कर पुलिस स्टेशन के भीतर घुसने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह हिंसक और नियंत्रण से बाहर हो गई। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मौके पर केंद्रीय बलों (सेंट्रल फोर्सेज) को तैनात करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों द्वारा किए गए लाठीचार्ज के बाद वहां भगदड़ मच गई। स्थिति यह थी कि कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी के डर से भाग खड़े हुए, तो कुछ ने बचने के लिए पास के ही एक तालाब में छलांग लगा दी।

BNS और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस, CM सुवेंदु अधिकारी की दोटूक चेतावनी

रेजिना बीबी की यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार आपराधिक गिरोहों, उपद्रवियों और बाहुबलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को फाल्टा में ही आयोजित एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान मंच से कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी थी कि उनकी सरकार बंगाल की धरती पर किसी भी तरह की “गुंडागर्दी या उग्रवाद” को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने साफ तौर पर पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए थे कि पुलिस स्टेशन पर हमला करने और कानून को चुनौती देने वाले एक-एक उपद्रवी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएं। इसी आदेश के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी। अब गिरफ्तार आरोपी रेजिना बीबी पर नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आर्म्स एक्ट 1959 और एक्सप्लोसिव्स एक्ट (विस्फोटक अधिनियम) 1884 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दक्षिण 24 परगना जिला अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।

खुद को बताते थे ‘पुष्पा’, चुनाव परिणाम के बाद चौथे नंबर पर खिसके खान

इस पूरे मामले का एक दिलचस्प सियासी पहलू यह भी है कि साल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी नेता जहांगीर खान ने खुद को बेहद चर्चित तेलुगु फिल्म फ्रैंचाइजी के मुख्य किरदार ‘पुष्पा’ के तौर पर पेश किया था। वे अपनी जनसभाओं में अक्सर भारी नाटकीय अंदाज में दावा करते थे कि वे राजनीतिक दबाव में कभी किसी के सामने “झुकेंगे नहीं”। हालांकि, इस विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद, चुनाव आयोग ने फाल्टा सीट पर कुछ गड़बड़ियों के कारण दोबारा मतदान (री-पोलिंग) का आदेश दिया था। दोबारा चुनाव की घोषणा होते ही ‘पुष्पा’ शैली के दावों की हवा निकल गई और खान खुद चुनावी मैदान से पीछे हट गए। नतीजा यह रहा कि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने इस सीट पर ऐतिहासिक और बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि खान इस चुनावी मुकाबले में पिछड़कर चौथे स्थान पर खिसक गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *