3. संजू सैमसन ने बनाया अनचाहा वर्ल्ड रिकॉर्ड, तीन बार शतक के करीब पहुंचकर गंवाया विकेट

Knews Desk- भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की। रांची में खेले गए इस मैच में उन्होंने महज 41 गेंदों में 82 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। सैमसन की इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने 20 ओवर में 249 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि, शानदार फॉर्म में होने के बावजूद संजू सैमसन एक बार फिर शतक पूरा करने से चूक गए।संजू सैमसन के लिए यह साल शानदार बल्लेबाजी के साथ-साथ शतक से बार-बार चूकने के कारण भी चर्चा में रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 82 रन पर आउट होने के साथ ही उन्होंने एक ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड बना दिया, जो इससे पहले किसी बल्लेबाज के नाम नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक, संजू सैमसन एक कैलेंडर ईयर में टी20 क्रिकेट में तीन बार 80 से 90 रन के बीच आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।

तीन बार शतक के करीब पहुंचे संजू सैमसन

संजू सैमसन इस साल तीन अलग-अलग मुकाबलों में शतक के करीब पहुंचकर अपना विकेट गंवा चुके हैं। सबसे पहले वह इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 89 रन बनाकर आउट हुए थे। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में भी उन्होंने 89 रन की पारी खेली, लेकिन शतक पूरा नहीं कर सके। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची टी20 में 82 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।इन तीनों पारियों में सैमसन के पास शतक लगाने का शानदार मौका था। खास बात यह रही कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ वह 89 रन तक पहुंचे थे, लेकिन आखिरी पड़ाव पार नहीं कर सके। वहीं, वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी पारी 82 रन पर समाप्त हो गई। लगातार तीन बार शतक से चूकने के कारण उनके प्रदर्शन और किस्मत को लेकर चर्चा हो रही है।हालांकि, इन पारियों को देखा जाए तो संजू सैमसन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। टी20 क्रिकेट में तेजी से रन बनाना और बड़े स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होता। ऐसे में 80 से अधिक रन की पारियां भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होती हैं।

अपनी बल्लेबाजी को लेकर क्या बोले संजू?

रांची में शानदार पारी खेलने के बाद संजू सैमसन ने बताया कि उन्हें अभ्यास के दौरान ही पिच के मिजाज का अंदाजा हो गया था। उन्होंने कहा कि गेंद तेजी से आएगी और थोड़ी नीचे रहेगी। इसी हिसाब से उन्होंने बल्लेबाजी करने की कोशिश की और पहले से शॉट तय करने के बजाय गेंद के अनुसार खेला।सैमसन ने यह भी कहा कि एक पेशेवर क्रिकेटर पर दबाव हमेशा रहता है, लेकिन खिलाड़ी का ध्यान अपने खेल और पेशेवर जिम्मेदारियों पर होना चाहिए। टी20 प्रारूप में नतीजे हमेशा खिलाड़ी के हाथ में नहीं होते। उनका काम देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है।वेस्टइंडीज के खिलाफ 82 रन की पारी खेलकर संजू सैमसन ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी क्षमता साबित की। भले ही वह इस साल तीसरी बार शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारियों ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। अब देखना होगा कि आने वाले मुकाबलों में वह इस अधूरे शतक को पूरा कर पाते हैं या नहीं।

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