अपरा एकादशी आज, रखें पवित्र व्रत, जानिए पूजा-विधि, शुभ नियम और किन कामों से करें परहेज?

KNEWS DESK- हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है और ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली अपरा एकादशी को बेहद पुण्यदायी बताया गया है। इस साल यह पावन व्रत बुधवार को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ व्रत रखने से व्यक्ति को पुराने पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

“अपरा” शब्द का अर्थ होता है — जिसका कोई अंत न हो। इसलिए माना जाता है कि इस दिन किए गए दान, जप और पूजा का फल भी अनंत गुना बढ़कर मिलता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने और जीवन की कठिनाइयों से छुटकारा पाने के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

अपरा एकादशी पर क्या करना शुभ माना जाता है?

इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। सुबह से ही भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए दिन की शुरुआत करनी चाहिए।

  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और पानी का दान करना बेहद पुण्यकारी माना गया है।
  • भूखे को भोजन और प्यासे को पानी पिलाने से भगवान प्रसन्न होते हैं।
  • भगवान विष्णु के साथ हनुमान जी की पूजा करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।
  • दिनभर भगवान के नाम का जाप और कथा सुनना शुभ माना जाता है।
  • दूसरों से मधुर व्यवहार करें और क्रोध से दूर रहें।

मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई भक्ति व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और शांति लाती है।

अपरा एकादशी व्रत की सही विधि

दशमी से करें तैयारी

व्रत की तैयारी दशमी तिथि की रात से ही शुरू कर देनी चाहिए। मन को शांत रखें और सात्विक विचार अपनाएं।

सुबह स्नान कर लें संकल्प

एकादशी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।

पूजा में करें इन चीजों का उपयोग

भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और ताजे फल अर्पित करें। तुलसी भगवान को अत्यंत प्रिय मानी जाती है।

दीपक और आरती का महत्व

पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और भगवान की आरती करें। पूरे दिन मन ही मन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

सादा जीवन अपनाएं

इस दिन जमीन पर सोना और सात्विक जीवन अपनाना शुभ माना जाता है। मन में किसी के लिए गलत भावना न रखें।

शाम को तुलसी के पास जलाएं दीपक

शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

अपरा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम

चावल खाने से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाना अशुभ माना गया है। व्रत न रखने वाले लोगों को भी इससे परहेज करना चाहिए।

घर में विवाद न करें

इस दिन झगड़ा, क्रोध और कटु वचन घर की शांति को प्रभावित करते हैं, इसलिए शांत और संयमित रहें।

पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं

एकादशी के दिन पत्ते तोड़ना और बाल कटवाना वर्जित माना गया है।

झूठ और धोखे से रहें दूर

किसी असहाय व्यक्ति का दिल न दुखाएं और न ही किसी को धोखा दें। इस दिन अच्छे कर्मों का विशेष महत्व होता है।

तामसिक चीजों से दूरी रखें

मांसाहार, शराब और अन्य नशीली चीजों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए ताकि मन और शरीर दोनों शुद्ध रहें।

अपरा एकादशी का आध्यात्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मिक बल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन के कष्ट कम होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। श्रद्धा, संयम और सेवा भाव के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने वाला माना गया है।