रैली का बहना ,धामी का निशाना !

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, प्रदेश के नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय के अंदर हुए हंगामे को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. चर्चा कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा किए गए हंगामे और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर हो रही है. दरअसल, बीते शनिवार कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के दौरे के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान हल्द्वानी में बड़ी रैली व जनसभा का आयोजन किया गया था और पूरे प्रदेश से कार्यकर्ताओं को जुटाने की जिम्मेदारी शीर्ष नेताओं को दी गई थी. लेकिन इस बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा से पहले हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस प्रशासन व सत्ताधारी सरकार के खिलाफ शोर सुनाई देने लगा. कांग्रेस के अनुसार आरोप यही है कि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रैली स्थल तक नहीं जाने दिया, और कई कार्यकर्ताओं की बसों को रोका गया. जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय में पहुँचे, जहां पर कांग्रेस ने एसएसपी कार्यालय का घेराव व नारेबाजी करते हुए कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया. यही नही बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता एसएसपी ऑफीस के अंदर धरने पर बैठे नज़र आये. इस पूरे मामले के बाद प्रदेश की सियासत में भी गर्मागर्मी देखने को मिल रही है. सत्ता पक्ष ने कांग्रेस के इस रवैया को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष की फ्लॉप रैली की बौखलाहट करार दिया है और कांग्रेस पर अमर्यादित व अनुशासनहीनता का आरोप भी लगाया है. तो दुसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के साथ साथ पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किये है. जिसके चलते आपसी आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी देखने को मिल रहा है.

हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय के अंदर कांग्रेस नेताओं के हंगामे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता जताते हुए साफ कहा कि, लोकतंत्र में हिंसा और इस तरह के व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के व्यवहार को भी गलत बताया.हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर उत्तराखंड की सियासत गर्म है. कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया था कि, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रही बसों को पुलिस और प्रशासन की ओर से रोका गया. इसी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति पैदा हुई थी.जिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए पुलिस को कार्यवाही करने के लिए तहरीर भी दी,जिस पर राजनीति अपने चरम पर है.

आपको बता दे, हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के दौरान पार्टी की ओर से पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. कांग्रेस का कहना था कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाली बसों को रोका गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी.इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नैनीताल के एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे. वहां नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. घटना का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया, जबकि कांग्रेस ने पूरे मामले को पुलिस प्रशासन की कथित मनमानी और पार्टी कार्यकर्ताओं को रोकने से जोड़कर देखा.अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है.सवाल यह है क्या इस तरह का राजनीतिक दलों का व्यवहार सही है.क्या ऐसे आयोजनों को लेकर राजनीति सही है। जिस पर चिंता होना बेहद जरूरी है.क्युकी आगे चुनाव है सभी दलों के बड़े आयोजन रैली प्रदेश में होनी है अगर ये ही रवैया रहा तो इसका प्रदेश में बड़ा नुकसान देखने को मिल सकता है.

   

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